सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्टः रिजिजू ने सरकार व विरोध कर रहे समुदायों के बीच सार्थक बातचीत का आह्वान किया
ईटानगर, 23 अक्टूबर (हि.स.)। अरुणाचल
प्रेदश के प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट के खिलाफ बढ़ते विरोध के
बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को सरकार और विरोध कर रहे समुदायों
के बीच सार्थक बातचीत का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस विवादित मेगा
जलविद्युत परियोजना के मामले में जबरदस्ती करना कोई समाधान नहीं है।
पासीघाट में एक कार्यक्रम के दौरान
पत्रकारों से बात करते हुए रिजिजू ने कहा, किसी पर कोई दबाव नहीं डाला
जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय समुदायों की चिंताओं का
समाधान आपसी सम्मान और समझ के जरिए निकाला जाना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मौजूदा गतिरोध
तभी सुलझ सकता है जब दोनों पक्ष बातचीत के लिए एक साथ बैठें। उन्होंने कहा, अगर हम बैठकर बात
करें तो तकनीकी रूप से सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा। हमें बातचीत के जरिए ही आगे बढ़ना
होगा।
इस बहस को 'बांध के समर्थन' बनाम 'बांध के विरोध' के दायरे से बाहर ले
जाने की कोशिश करते हुए रिजिजू ने कहा कि असली सवाल यह है कि लोगों की आकांक्षाओं को नजरअंदाज किए
बिना इस क्षेत्र के भविष्य को कैसे सुरक्षित किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा, हम इसे समर्थन या
विरोध के नजरिए से नहीं देखते। हम भविष्य को देखते हैं।
उनका यह बयान सियांग नदी पर प्रस्तावित
परियोजना के खिलाफ बढ़ते विरोध के बीच आया है। प्रभावित समुदायों को विस्थापन, पर्यावरण के विनाश, अपनी पारंपरिक
जीवनशैली के लिए खतरे और भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील इस क्षेत्र में संभावित
आपदाओं की चिंता है। प्रदर्शनकारियों ने 'प्री-फिजिबिलिटी
रिपोर्ट' से जुड़ी गतिविधियों
और सर्वेक्षण के काम को तुरंत रोकने, तथा प्रभावित इलाकों से सुरक्षा बलों को
वापस बुलाने की मांग की है। ग्रामीणों के गुस्से और आशंकाओं को समझते
हुए,
रिजिजू ने आगाह किया कि परियोजना का विरोध करने वालों को 'दुश्मन' के रूप में नहीं देखा
जाना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी