होली के लिए रंगों की करने जा रही हैं खरीदारी, ऐसे करें Chemical Free Colour की पहचान

हिंदू पंचांग के अनुसार, होली का त्योहार चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है और उससे ठीक एक दिन पहले होलिका दहन होता है। इस साल होली का पर्व 4 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन चारों-तरफ रंग-बिरंगे कलर्स की धूम देखने को मिलती है, लेकिन बाजार में मिलने वाले मिलावटी और केमिकल वाले कलर कई बार त्योहार के मजे को किरकिरा कर देता है। ऐसे में रंगों की खरीदारी करते वक्त ध्यान देने की जरूरत होती है। अगर आप होली के लिए कलर्स खरीदने जा रही हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए मददगार हो सकता है। यहां हम आपको कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे अपनाकर खतरनाक रंगों को चुनने से बच सकती हैं।बाजार में खरीदारी करते समय आप कुछ बेहद आसान तरीकों से असली और नकली रंगों के बीच का फर्क समझ सकती हैं। आइये जानते हैं केमिकल वाले रंगों की पहचान कैसे करें? 

 

हिंदू पंचांग के अनुसार, होली का त्योहार चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है और उससे ठीक एक दिन पहले होलिका दहन होता है। इस साल होली का पर्व 4 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन चारों-तरफ रंग-बिरंगे कलर्स की धूम देखने को मिलती है, लेकिन बाजार में मिलने वाले मिलावटी और केमिकल वाले कलर कई बार त्योहार के मजे को किरकिरा कर देता है। ऐसे में रंगों की खरीदारी करते वक्त ध्यान देने की जरूरत होती है। अगर आप होली के लिए कलर्स खरीदने जा रही हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए मददगार हो सकता है। यहां हम आपको कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे अपनाकर खतरनाक रंगों को चुनने से बच सकती हैं।बाजार में खरीदारी करते समय आप कुछ बेहद आसान तरीकों से असली और नकली रंगों के बीच का फर्क समझ सकती हैं। आइये जानते हैं केमिकल वाले रंगों की पहचान कैसे करें? 

चमक और बनावट पर करें गौर

केमिकल वाले रंगों में अक्सर बहुत ज्यादा चमक होती है। अगर गुलाल को हाथ में लेने पर उसमें छोटे-छोटे चमकीले कण दिखाई दें, तो वह पक्का केमिकल वाला रंग है। नेचुरल गुलाल दिखने में थोड़े फीके या मैट फिनिश वाले होते हैं और छूने में बहुत मुलायम होते हैं।

खुशबू से करें रंग की पहचान

केमिकल वाले रंगों में अक्सर पेट्रोल, केरोसिन या किसी तेज एसिड जैसी गंध आती है। इसके विपरीत, हर्बल या ऑर्गेनिक रंगों में या तो कोई गंध नहीं होती या फिर उनमें चंदन, गुलाब या हल्दी जैसी प्राकृतिक चीजों की भीनी-भीनी खुशबू आती है।

पानी में घोलकर टेस्ट करें

अगर पॉसिबल हो तो रंग को पानी में घोलकर भी पहचान कर सकती हैं। इसके लिए एक गिलास पानी में थोड़ा सा रंग डालकर देखें। अगर रंग पानी में पूरी तरह घुल जाता है और नीचे कोई पाउडर या कचरा नहीं बैठता, तो वह सुरक्षित है। केमिकल वाले रंग पानी में डालने पर सतह पर तैरने लगते हैं या बर्तन की तली में जम जाते हैं।

रगड़कर करें चेक

रंग में अगर मिलावट समझ आ रही है,तो उसे किसी पेपर या पॉलिथीन पर रगड़कर चेक कर सकती हैं। अगर पेपर या पॉलिथीन फट जाती है, तो इसका मतलब उसमें हानिकारक चीज मिली है, जो स्किन को काट सकती है।

रंगों की खरीदारी करते वक्त पैकेट पर चेक करें ये चीजें 


जब भी आप रंग या गुलाल का पैकेट खरीदें, तो उस पर दी गई जानकारी को जरूर पढ़ें।
पैकेट पर 100% Natural, Organic या Eco-friendly लिखा होना चाहिए।
सामग्री की लिस्ट में हल्दी, मक्का का स्टार्च, मेहंदी या फूलों के अर्क का नाम देखें।
बहुत ज्यादा गहरे और पक्के रंगों को खरीदने से बचें, क्योंकि इनमें केमिकल की मात्रा सबसे अधिक होती है।