(अपडेट) सत्य निकेतन हादसे में पांच की मौत, बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी, दोषियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश
नई दिल्ली, 06 सितंबर (हि.स.)। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में रविवार दोपहर 1.30 मिनट पर (पीजी) इमारत गिरने के बाद एम्स ट्रॉमा सेंटर में लाए गए हादसे में घायल 10 लोगों में से पांच की मौत हो चुकी है। चार का इलाज चल रहा है। एक घायल को इलाज के बाद छुट्टी दी गई है। इमारत के मलबे में कई अन्य छात्रों के फंसे होने की आशंका है। मौके पर व्यापक स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने हादसे पर दुख जताया है। इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री, दिल्ली के पुलिस कमिश्नर और एनडीआरएफ के डायरेक्टर जनरल से बात कर जमीनी हालात का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ मिलकर तेजी से बचाव कार्य कर रहे हैं। घायलों को हर जरूरी मेडिकल मदद दी जा रही है। उन्होंने सभी घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना की है।
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने हादसा स्थल का दौरा करके सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि तालमेल बिठाकर काम करें और मौके पर तेजी से बचाव कार्य सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी संबंधित अधिकारियों से लगातार संपर्क कर स्थिति की जानकारी ली और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री स्वयं सत्य निकेतन स्थित घटनास्थल पर पहुंचीं और सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बचाव अभियान की स्थिति की निगरानी की। उन्होंने निर्देश दिए कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास किया जाए और राहत एवं बचाव कार्य में कोई कमी न रहे। मुख्यमंत्री घायलों के उपचार की जानकारी लेने एम्स ट्रॉमा सेंटर भ्री पहुंचीं।
घटनास्थल पर दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), एनडीआरएफ, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), कैट्स और सिविल डिफेंस की टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। सभी संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ युद्धस्तर पर राहत व बचाव अभियान चला रही हैं। सावधानी के दृष्टिगत घटनास्थल से सटे भवन को खाली करा लिया गया है। प्रशासन का पूरा ध्यान फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर है।
मुख्यमंत्री लगातार क्षेत्रीय जिलाधिकारी, दिल्ली पुलिस, एनडीआरएफ सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों के संपर्क में हैं। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को प्रभावित लोगों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्थानीय सांसद बांसुरी स्वराज और आरके पुरम के विधायक अनिल शर्मा से भी बातचीत कर घटनास्थल की स्थिति और बचाव अभियान की जानकारी ली। सभी घटनास्थल पर भी पहुंचे।
इस अत्यंत दुखद घटना में घायल छात्रों व अन्य लोगों के उपचार और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी लेने एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं। उन्होंने वहां चिकित्सकों से घायल छात्रों की स्थिति और उनके उपचार के संबंध में जानकारी ली। सभी घायल एम्स के चिकित्सकों की देखरेख में हैं और उनका उपचार जारी है।
मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों की टीम को घायलों के उपचार के लिए सभी आवश्यक चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली सरकार घायल छात्रों के परिवारों के संपर्क में है और उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी घायल छात्रों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
मुख्यमंत्री ने सत्य निकेतन हादसे के संबंध में स्पष्ट किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मकान मालिक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता बचाव अभियान को युद्धस्तर पर जारी रखते हुए फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और स्वास्थ्य है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इमारत के मालिक का नाम आनंद बंसल है और वह गुरुग्राम में रहता है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। जांच टीम मकान मालिक की भूमिका के साथ-साथ इमारत से जुड़े दस्तावेजों और निर्माण संबंधी मंजूरियों की भी जानकारी जुटा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि बेसमेंट में किस तरह का मरम्मत कार्य चल रहा था और हादसे की वजह क्या रही।
इमारत गिरने के बाद एहतियात के तौर पर आसपास की कुछ इमारतों को भी खाली करा लिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर इलाके की बिजली आपूर्ति भी कुछ समय के लिए बंद कर दी गई। आसपास की इमारतें काफी सटी हुई हैं, इसलिए बचाव अभियान के दौरान किसी अन्य इमारत को नुकसान न पहुंचे, इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
खोजी कुत्तों की मदद से मलबे में दबे लोगों की तलाश की जा रही है। स्थानीय लोग भी बचावकर्मियों के साथ राहत कार्य में जुटे हुए हैं।
इमारत में पीजी हॉस्टल संचालित हो रहा था, जिससे मलबे में बड़ी संख्या में छात्रों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल बचाव अभियान जारी है। मलबा पूरी तरह हटाए जाने और तलाशी अभियान पूरा होने के बाद ही हादसे में फंसे लोगों की सही संख्या और घटना में हुए नुकसान की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव