अमित शाह ने लॉन्च किया एफसीआरए 2.0 पोर्टल और ई-ओसीआई कार्ड, विदेशी अंशदान की होगी रियल टाइम निगरानी
नई दिल्ली, 30 जून (हि.स.)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एफसीआरए 2.0 पोर्टल और ई-ओसीआई (इलेक्ट्रॉनिक ओवरसीज़ सिटिजन ऑफ इंडिया) कार्ड का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों डिजिटल पहलों से नागरिकों की सुविधाएं बढ़ेंगी, कागजी कार्यवाही कम होगी और विदेशी अंशदान (एफसीआरए) की रियल टा-इम निगरानी सुनिश्चित हो सकेगी।
यहां आयोजित कार्यक्रम में गृह सचिव गोविंद मोहन, विदेश सचिव विक्रम मिसरी, आसूचना ब्यूरो के विशेष निदेशक महेश दीक्षित तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के विजन के अनुरूप तकनीक के माध्यम से शासन को अधिक पारदर्शी, सरल और सुरक्षित बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एफसीआरए व्यवस्था पहले फाइलों और जटिल प्रक्रियाओं में उलझी हुई थी, लेकिन अब इसका आधुनिकीकरण कर इसे अधिक प्रभावी बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि एफसीआरए 2.0 पोर्टल के जरिए अब आवेदन, नवीनीकरण, वार्षिक विवरणी सहित सभी प्रमुख प्रक्रियाएं पूरी तरह डिजिटल होंगी। इससे भौतिक रूप से दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी तथा ई-साइन आधारित प्रमाणीकरण, ओसीआर (ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन) आधारित दस्तावेज विश्लेषण और एनजीओ दर्पण सहित विभिन्न सरकारी डाटाबेस से एकीकृत सत्यापन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि पोर्टल के माध्यम से विदेशी अंशदान की प्राप्ति और उपयोग पर प्रभावी रियल टाइम निगरानी संभव होगी, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और सुशासन दोनों मजबूत होंगे।
गृह मंत्री ने कहा कि आने वाले महीनों में एफसीआरए मोबाइल एप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित चैटबॉट और बैंकों के लिए समर्पित ऑनलाइन डैशबोर्ड भी शुरू किया जाएगा।
शाह ने ई-ओसीआई कार्ड को भारतीय मूल के विदेशों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी सुविधा बताते हुए कहा कि इससे 50 लाख से अधिक ओसीआई कार्डधारकों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब 20 वर्ष की आयु के बाद नया पासपोर्ट जारी होने पर ओसीआई बुकलेट दोबारा बनवाने की आवश्यकता नहीं होगी। कार्डधारकों को केवल अपना नया पासपोर्ट विवरण ऑनलाइन अपडेट करना होगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल ओसीआई कार्ड के कारण दस्तावेज खोने या क्षतिग्रस्त होने की समस्या समाप्त होगी और वास्तविक समय में सत्यापन की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
उल्लेखनीय है कि विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के तहत देश में वर्तमान में करीब 14,500 सक्रिय संगठन पंजीकृत हैं। हर वर्ष लगभग 15,000 से 20,000 नए या नवीनीकरण संबंधी आवेदन तथा करीब 17,000 वार्षिक विवरणियां प्राप्त होती हैं। एफसीआरए 2.0 पोर्टल को 'मेघराज' (नेशनल गवर्नमेंट क्लाउड) पर विकसित किया गया है और इसे पैन, आधार, ओसीआई, एनजीओ दर्पण, आईसीएआई की यूडीआईएन प्रणाली तथा बैंकों सहित विभिन्न सरकारी प्रणालियों से जोड़ा गया है। इससे आवेदनों के निपटारे में तेजी आएगी, अनुपालन की निगरानी मजबूत होगी और विदेशी अंशदान के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
वहीं, ई-ओसीआई कार्ड व्यवस्था के तहत आवेदन से लेकर कार्ड जारी होने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इससे भौतिक दस्तावेजों की आवश्यकता समाप्त होगी, प्रोसेसिंग समय कम होगा, प्रशासनिक लागत में कमी आएगी और हवाई अड्डों पर डिजिटल सत्यापन के माध्यम से यात्रा अधिक सुगम एवं सुरक्षित बनेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार