ढाई सौ करोड़ के ड्रग्स तस्करी मामले में तमिलनाडु में ईडी की छापेमारी

 


नई दिल्ली, 26 मई (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने समुद्री मार्ग से श्रीलंका तक हशीश (एक प्रकार का मादक पदार्थ) और मेथामफेटामाइन (आईस ड्रग्स) की तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ चेन्नई और मदुरै में पांच स्थानों पर छापेमारी की। जांच में करीब 258 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों की तस्करी का मामला सामने आया है।

ईडी ने बताया कि मामला राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) द्वारा जॉन ब्रिट्टो और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज दो आपराधिक मामलों पर आधारित है। इन मामलों में एनडीपीएस अधिनियम और सीमा शुल्क अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी।

जांच एजेंसी के अनुसार, गिरोह समुद्री रास्ते से श्रीलंका में बड़ी मात्रा में हशीश और मेथामफेटामाइन की तस्करी करता था। हशीश कैनाबिस यानी गांजा से तैयार किया जाने वाला मादक पदार्थ है। ईडी के मुताबिक, गिरोह ने 99 किलोग्राम हशीश (अनुमानित बाजार कीमत करीब 108 करोड़ रुपये) तथा 37.5 किलोग्राम मेथामफेटामाइन (अनुमानित कीमत करीब 150 करोड़ रुपये) की तस्करी की कोशिश की।

ईडी ने बताया कि भारतीय तटरक्षक बल से प्राप्त सूचना के आधार पर डीआरआई, मदुरै ने 5 मार्च 2024 को मन्नार की खाड़ी के गहरे समुद्री क्षेत्र में एक मछली पकड़ने वाली नाव से 99 किलोग्राम हशीश बरामद की थी। इस मामले में रामिश, जेनसन और प्रताप नामक तीन आरोपित पकड़े गए थे। जांच में सामने आया कि ये लोग जॉन ब्रिट्टो के निर्देश पर मादक पदार्थों को अवैध रूप से श्रीलंका पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे।

एक अन्य मामले में डीआरआई ने 1 मार्च 2024 को मदुरै रेलवे स्टेशन पर फिलोमेन प्रकाश नामक व्यक्ति को 37.645 किलोग्राम मेथामफेटामाइन के साथ पकड़ा था। एजेंसी को संदेह है कि यह खेप भी श्रीलंका भेजी जानी थी।

ईडी के अनुसार, जांच में जॉन ब्रिट्टो को पूरे गिरोह का मुख्य सरगना पाया गया। वह पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। एजेंसी ने कहा कि ब्रिट्टो और उसके सहयोगी, मछुआरों तथा नाव मालिकों की मदद से भारतीय समुद्री क्षेत्र से मादक पदार्थों को खुले समुद्र में श्रीलंकाई संपर्कों तक पहुंचाते थे।

तलाशी अभियान के दौरान कई दस्तावेज और अन्य सामग्री बरामद की गई है। ईडी ने कहा कि मामले की जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर