ईडी ने दीपक केबल्स बैंक धोखाधड़ी मामले में बेंगलुरु में की छापेमारी, 1.27 करोड़ की नकदी-सोना जब्त
नई दिल्ली, 01 जून (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच के तहत दीपक केबल्स (इंडिया) लिमिटेड से जुड़े परिसरों पर छापेमारी कर कई दस्तावेज, सोने के आभूषण, नकदी जब्त की। इनकी कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक है।
ईडी ने बताया कि एजेंसी के बेंगलुरु ज़ोनल कार्यालय ने 21 मई और 29 मई को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कंपनी और उसके निदेशक के. वेंकटेश्वर राव, महेश अग्रवाल (निदेशक, अधुनिक कॉरपोरेशन लिमिटेड) और अन्य से जुड़े कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए। ईडी ने 1.27 करोड़ रुपये मूल्य के सोने (आभूषण) और नकदी को ज़ब्त किया तथा 18 करोड़ रुपये शेष राशि वाले कई बैंक खातों को अस्थायी रूप से फ्रीज़ कर दिया।
जांच की शुरुआत सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि दीपक केबल्स इंडिया लिमिटेड और उसके निदेशक के वेंकटेश्वर राव ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नेतृत्व वाले बैंक समूह को 899.35 करोड़ रुपये का चूना लगाया। कंपनी ने बड़े पैमाने पर ऋण सुविधाएं हासिल कीं और बाद में इन फंड्स को दूसरी जगह मोड़ दिया। आरोप है कि कंपनी ने फर्जी वित्तीय विवरण और हेरफेर किए गए खातों के दस्तावेज़ जमा कर बैंक ऋण प्राप्त किया और उसे जारी रखा।
ईडी की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने काल्पनिक बिक्री‑खरीद, सर्कुलर ट्रेडिंग और फर्जी कॉरपोरेट गारंटी का इस्तेमाल किया। इन लेन‑देनों से कंपनी ने कृत्रिम रूप से कारोबार का आंकड़ा बढ़ाया, बैंकों से अधिक ऋण सीमा हासिल की, पुराने ऋणों को बनाए रखा और अपराध से प्राप्त धन को संबंधित कंपनियों और व्यक्तिगत खातों में भेजकर उसकी असली पहचान छिपाई।
जांच में यह भी पाया गया कि बड़ी मात्रा में ऋण राशि को बिना किसी व्यावसायिक तर्क के वेंकटेश्वर राव के नियंत्रण वाली कंपनियों में स्थानांतरित किया गया। ईडी ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर