देश के 17 राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों में अब मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण

 


नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (हि.स.)। चुनाव आयोग ने 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) के निर्देश दिए हैं। इसके तहत 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची को संशोधित किया जाएगा। साथ ही वर्ष 2027 की तीन अन्य अर्हता तिथियों के लिए भी अग्रिम आवेदन लिए जाएंगे।

चुनाव आयोग ने इन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिये हैं। इस एसएसआर का उद्देश्य मतदाता सूची में छूट गए पात्र लोगों, युवाओं और पहली बार मतदान के लिए पात्र नागरिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करना है। इसमें अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।

आयोग ने पत्र में लिखा है कि 29 सितंबर 2026 को जारी निर्देशों के क्रम में यह फैसला लिया गया है। इसके तहत एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर 2027 की अर्हता तिथियों के लिए भी पात्र नागरिकों से अग्रिम आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। आयोग ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में अभी तक एसआईआर शुरू नहीं किया गया है। वहां की मौसम स्थितियों को ध्यान में रखते हुए पुनर्रिक्षण कार्यक्रम उचित समय पर घोषित किया जाएगा।

कार्यक्रम के तहत मतदान केंद्रों का युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्थापन 2 नवंबर 2026 तक पूरा किया जाएगा। एकीकृत प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 12 नवंबर को होगा। इसके बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक का समय दिया जाएगा। दावों और आपत्तियों का निपटान 28 दिसंबर तक पूरा किया जाएगा और अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी को जारी होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा