कथित धोखाधड़ी के आरोप में ईडी ने अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर्स के चार प्रमोटरों को किया गिरफ्तार
नई दिल्ली, 02 जून (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने घर खरीदारों और निवेशकों से कथित धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन मामले में अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर्स लिमिटेड (ईआईएल) के चार प्रमोटरों और निदेशकों को गिरफ्तार किया है। ईडी ने अवदेश कुमार गोयल, रजनीश मित्तल, अतुल गुप्ता और विकास गुप्ता को एक जून को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत गिरफ्तार किया। विशेष पीएमएलए अदालत, दिल्ली ने सभी आरोपितों को पांच दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है।
ईडी के अनुसार, जांच की शुरुआत दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज पांच प्राथमिकी के आधार पर की गई थी। इसके अलावा गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने भी अर्थ समूह के प्रमोटरों और निदेशकों के खिलाफ कंपनी अधिनियम की धारा 447 के तहत आपराधिक शिकायत दायर की है।
जांच में सामने आया कि अर्थ समूह ने आवासीय और वाणिज्यिक इकाइयों का समय पर कब्जा देने तथा सुनिश्चित रिटर्न का वादा कर 19,425 से अधिक घर खरीदारों और निवेशकों से लगभग 2,004 करोड़ रुपये जुटाए। ईडी का आरोप है कि इनमें से करीब 467 करोड़ रुपये विभिन्न समूह कंपनियों, संबद्ध संस्थाओं और व्यक्तियों के माध्यम से दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिए गए।
एजेंसी के अनुसार, खरीदारों से बड़ी राशि प्राप्त होने के बावजूद कई परियोजनाएं अधूरी छोड़ दी गईं या फिर खरीदारों को इकाइयों का कब्जा नहीं दिया गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। जांच में यह भी पाया गया कि अपराध से अर्जित धन के एक हिस्से का उपयोग प्रमोटरों और उनसे जुड़े व्यक्तियों तथा संस्थाओं के नाम पर चल और अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया।
ईडी ने बताया कि अप्रैल 2026 में दिल्ली-एनसीआर स्थित अर्थ समूह से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। इस दौरान लगभग 6.30 करोड़ रुपये नकद, करीब 8.78 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण तथा 100 से अधिक अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए थे। इन संपत्तियों का अनुमानित मूल्य 100 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है।
ईडी ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर