भारत ने एक हफ्ते में दूसरी बार किया लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण
- इस एलआर-एसएचएएम को भारत के समुद्री तटों पर तैनात किया जाएगा
नई दिल्ली, 04 मई (हि.स.)। भारत ने एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार ओडिशा तट पर लंबी दूरी की हाइपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल का परीक्षण किया है। इस मिसाइल ने 1,500 किमी. की रेंज में निर्धारित लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाकर समुद्र में देश की सुरक्षा बढ़ाने में बड़ी उपलब्धि दिलाई। डीआरडीओ ने पिछले सप्ताह 02 मई को भी ओडिशा तट पर इसी लंबी दूरी की हाइपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल का परीक्षण किया था।
इस टेस्ट ने मिसाइल के उन्नत टर्मिनल मार्गदर्शन प्रणाली की सटीकता को साबित कर दिया। इसने लॉन्च से लेकर आखिरी असर तक मिशन के सभी लक्ष्यों को पूरा किया, जिसमें बीच रास्ते में किए गए दांव-पेच और लगातार तेज रफ्तार से उड़ान भरना भी शामिल था। इस लॉन्ग रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (एलआर-एसएचएएम) को भारत के समुद्री तटों पर तैनात किया जाएगा। यह स्वदेशी दो-चरणों वाला सॉलिड-प्रोपेल हाइपरसोनिक ग्लाइड हथियार है, जिसे भारतीय नौसेना के लिए विकसित किया गया है। यह अपनी तरह का पहला और एक शक्तिशाली हथियार है, जो हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की क्षमताओं को बढ़ाता है।
यह एक हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल है, जो कम ऊंचाई पर कई बार उछलते हुए एक अर्ध-बैलिस्टिक मार्ग का अनुसरण करती है, जिससे यह अपनी उड़ान के अधिकांश समय तक रडार की पकड़ से बची रहती है। यह अपने अंतिम चरण में अत्यधिक सटीकता सुनिश्चित करने के लिए स्वदेशी रूप से विकसित सेंसर का उपयोग करते हुए स्थिर और गतिशील दोनों तरह के लक्ष्यों को निशाना बना सकती है। यह मिसाइल उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है, जिसे डीआरडीओ की एडवांस्ड सिस्टम्स लेबोरेटरी और अलग-अलग औद्योगिक भागीदारों ने विकसित किया है। इस मिसाइल की गति 10 मैक से शुरू होती है और अपनी उड़ान के दौरान यह औसतन 5.0 मैक की गति बनाए रखती है।
हिन्दुस्थान समाचार/सुनीत निगम