महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती पर नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, शिक्षा और सामाजिक न्याय के योगदान को किया याद

 


नई दिल्ली, 11 अप्रैल (हि.स.)। महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर देशभर के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और शिक्षा, समानता तथा सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने महात्मा ज्योतिराव फुले को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा को समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम बनाया। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों से वंचितों, शोषितों और महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खुले।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि महात्मा फुले ने अपना संपूर्ण जीवन वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया और शिक्षा एवं सामाजिक न्याय के लिए उनका संघर्ष आज भी प्रेरणास्रोत है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि महात्मा फुले शिक्षा को समाज सुधार का सबसे प्रभावी साधन मानते थे। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा के लिए अभूतपूर्व कार्य किए और सत्यशोधक समाज की स्थापना कर समानता और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि फुले के विचार ‘सबका साथ, सबका विकास’ और ‘अंत्योदय’ जैसे संकल्पों में आज भी झलकते हैं।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उन्हें भारत की शैक्षिक क्रांति का जनक बताते हुए दलितों के उत्थान और महिला सशक्तिकरण के लिए उनके समर्पण को याद किया।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महात्मा फुले को ‘क्रांतिसूर्य’ बताते हुए कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना उनके विचारों का मूल संदेश है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि महात्मा ज्योतिराव फुले ने बहुजनों के अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित किया और उनके विचार आज भी समानता की राह दिखाते हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज तभी आगे बढ़ता है, जब हर व्यक्ति को शिक्षा, सम्मान और अवसर मिले, यह सीख हमें महात्मा ज्योतिराव फुले से मिलती है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महात्मा ज्योतिराव फुले को महिला शिक्षा का अग्रदूत बताते हुए उनके योगदान को वैचारिक क्रांति का आधार बताया।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी महात्मा ज्योतिराव फुले को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर एक न्यायपूर्ण और शिक्षित समाज का निर्माण किया जाना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी