Diwali Shopping Guide: दिवाली की झालर और लाइट्स खरीदते समय भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना हो सकती है परेशानी
दिवाली आते ही बाजार रंग-बिरंगी झालरों और LED लाइट्स से जगमगा उठता है। हर कोई चाहता है कि उसका घर सबसे ज्यादा सुंदर लगे, इसलिए हम सस्ती और चमकदार लाइटें उठा लाते हैं। यही जल्दबाजी कई बार शॉर्ट-सर्किट, बिजली का बिल बढ़ने और पैसे बर्बाद होने की वजह बन जाती है।
दिवाली आते ही बाजार रंग-बिरंगी झालरों और LED लाइट्स से जगमगा उठता है। हर कोई चाहता है कि उसका घर सबसे ज्यादा सुंदर लगे, इसलिए हम सस्ती और चमकदार लाइटें उठा लाते हैं। यही जल्दबाजी कई बार शॉर्ट-सर्किट, बिजली का बिल बढ़ने और पैसे बर्बाद होने की वजह बन जाती है।
लाइट्स खरीदते वक्त रखें इन बातों का ध्यान
दिवाली पर लाइटिंग सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि सुरक्षा का भी एक खास मामला है। पिछले कुछ सालों में नकली और बिना ISI मार्क वाली झालरों की वजह से आग लगने की घटनाएं बढ़ी हैं। इसलिए, लाइट्स खरीदने से पहले कुछ बातों को जान लेना बहुत जरूरी है।
1. सिर्फ सस्ती देखकर झालर खरीदना
बाजार में 50-100 रुपये में मिलने वाली झालर बहुत ही सुंदर लगती है, लेकिन इनमें पतली तार, लोकल LED और बिना फ्यूज वाला प्लग होता है। ये जल्दी गर्म हो जाती हैं और 2-3 दिन में फ्यूज हो जाती हैं। हमेशा ISI या BIS मार्क वाली लाइट लें। थोड़ी महंगी लगेगी पर सालों-साल चलेगी।
2. बिना वारंटी और बिल के लाइट लेना
कई दुकानदार बिना बिल के सस्ती लाइट दे देते हैं। बाद में खराब होने पर न तो वापसी होती है न रिपेयर। हमेशा दुकान से बिल लें और पूछें कि वारंटी कितनी है। अच्छी कंपनियां 6 महीने से 1 साल की वारंटी देती हैं।
3. आउटडोर और इंडोर लाइट में फर्क न समझना
हर झालर हर जगह के लिए नहीं होती है। घर के अंदर लगने वाली सामान्य झालर को अगर आप बालकनी, छत या पौधों पर लगा देंगी, तो ओस और बारिश में उसमें पानी घुस जाएगा और करंट का खतरा रहेगा। बाहर के लिए हमेशा Waterproof IP65 वाली झालर लें, जिसकी तार मोटी और जॉइंट कवर होते हैं।
4. बिजली की खपत को नजरअंदाज करना
पुरानी वाली सीरियल बल्ब वाली झालर एक घंटे में 100-150 वाट तक बिजली खाती है। वहीं, नई LED झालर सिर्फ 5 से 10 वाट में उतनी ही रोशनी देती है। अगर आप पूरे घर में 5-6 झालर लगा रहे हैं तो LED ही लें, ये बिजली का बिल 80% तक कम करती हैं।
5. सेफ्टी फीचर्स को चेक न करना
लाइट खरीदते समय लोग सिर्फ रंग देखते हैं। ये देखना भूल जाते हैं कि प्लग में अर्थिंग है या नहीं। हमेशा ऐसी लाइट लें जिसमें ओवरलोड प्रोटेक्शन हो, तार कॉपर की हो और प्लग थ्री-पिन वाला हो।
झालर लगाने के बाद इन बातों का रखें ध्यान
खरीदना ही काफी नहीं, लगाना भी सही तरीके से जरूरी है।
1. एक ही सॉकेट पर सारा लोड न डालें
एक ही स्विच बोर्ड या एक्सटेंशन में 3-4 झालर, हीटर या दूसरे उपकरण एक साथ न लगाएं। लोड को अलग-अलग कमरों में बांट दें, वरना बोर्ड गर्म होकर पिघल सकता है।
2. पिछले साल की लाइटों को पहले चेक करें
पुरानी झालर को दोबारा लगाने से पहले पूरी तार, होल्डर और प्लग को अच्छे से देख लें। चूहों ने तो नहीं कुतरा? कहीं से कटा तो नहीं है? अगर तार कहीं से खुली है तो उसे फेंक दें, जोड़-तोड़ करके न लगाएं।
3. बाहर के लिए सिर्फ आउटडोर वाली लाइट यूज करें
बालकनी, छत या बगीचे के लिए सिर्फ Outdoor Rated या Weather-Resistant लिखी हुई लाइट ही लें। सभी जॉइंट, प्लग और बोर्ड को जमीन से ऊपर और पानी से दूर रखें।
4. घर में MCB और RCCB जरूर लगवाएं
ये आपके घर का सेफ्टी गार्ड हैं। MCB शॉर्ट-सर्किट पर लाइट काट देता है और 30 MA वाला RCCB करंट लीक होने पर तुरंत बिजली बंद कर देता है। दिवाली से पहले एक बार इलेक्ट्रीशियन से चेक करा लें।
5. सोते समय या बाहर जाते समय लाइट बंद करें
कभी भी झालर को 24x7 चालू न छोड़ें। रात को सोने से पहले और घर से बाहर जाते समय सारी डेकोरेटिव लाइट्स बंद कर दें।
6. गीले हाथों से लाइट को न छुएं
लाइट लगाते, निकालते या एडजस्ट करते समय हाथ बिल्कुल सूखे होने चाहिए।