मप्र के धार में भोजशाला में एक साथ पूजा और नमाज
10 साल बाद बना विशेष संयोग, सुरक्षा के कड़े इंतजामभोपाल, 23 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के धार स्थित विवादित धार्मिक स्थल भोजशाला में शुक्रवार को बसंत पंचमी के अवसर पर पूजा और नमाज के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं।
हिंदू श्रद्धालुओं ने सूर्योदय के साथ मां वाग्देवी (सरस्वती) की पूजा शुरू की, जो हवन और पाठ के साथ सूर्यास्त तक चलेगी। वहीं, परिसर के भीतर निर्धारित अलग हिस्से में जुमे की नमाज अदा की जाएगी, जो दोपहर 3 बजे तक पूरी होगी। इसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
गुरुवार को उच्चतम न्यायालय ने ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ की याचिका पर सुनवाई करते हुए हिंदू पक्ष को सूर्योदय से सूर्यास्त तक वाग्देवी (सरस्वती) पूजा की अनुमति दी। वहीं मुस्लिम पक्ष को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की इजाजत दी गई है। आमतौर पर बसंत पंचमी पर पूजा और शुक्रवार को नमाज की अनुमति रहती है, लेकिन जब दोनों एक ही दिन पड़ते हैं तो स्थिति संवेदनशील हो जाती है। 10 साल बाद ऐसा विशेष संयोग बन रहा है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। करीब 8000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और एआई तकनीक के जरिए पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके।
भोजशाला में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था
भोजशाला परिसर और धार शहर में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय पुलिस के साथ सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान तैनात किए गए हैं। पूरे इलाके पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के जरिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। भोजशाला पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को कई स्तरों की सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ रहा है। पहचान और तलाशी के बाद ही परिसर में प्रवेश दिया जा रहा है। मंदिर क्षेत्र में भारी बैरिकेडिंग की गई है, जहां करीब 13 से 14 सुरक्षा घेरों को पार करने के बाद ही अंदर पहुंचा जा सकता है। यज्ञशाला में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद हैं।
सुरक्षा के साथ स्वास्थ्य इंतजाम भी मजबूत किए गए हैं। परिसर में ऑक्सीजन, जरूरी दवाइयां और मेडिकल टीम तैनात है, ताकि किसी श्रद्धालु या सुरक्षाकर्मी की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके। इसके अलावा भोजशाला क्षेत्र के 300 मीटर के दायरे को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में ड्रोन, यूएवी, पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून जैसी सभी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक है। सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर निर्माण सामग्री, मलबा, टायर या लावारिस गुमटियां रखने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत पूरी तैयारी : कलेक्टर
धार के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा है कि भोजशाला में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किए गए सभी इंतजाम प्रभावी ढंग से लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूजा बिना किसी बाधा के चल रही है और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने इस बार पीजी कॉलेज परिसर में अस्थायी जेल भी तैयार की है।
इस बीच, धार के एसपी मयंक अवस्थी ने भोजशाला पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि धार शहर को 7 जोन में बांटा गया है, जिनकी निगरानी एसपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। हर गली, चौराहे और संवेदनशील क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है। वहीं भोजशाला परिसर को 6 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
भोजशाला में श्रद्धा का माहौल, शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब
केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर भाजपा जिलाध्यक्ष महंत निलेश भारती के साथ भोजशाला पहुंचीं, जहां उन्होंने मां वाग्देवी के दर्शन और पूजा-अर्चना की। परिसर में अखंड पूजा जारी है और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं। इसी क्रम में मोती बाग चौक पर धर्म सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में साधु-संतों के साथ स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। पूरे इलाके में धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला।
वहीं, लालबाग स्थित उदाजी राव चौराहे से शोभायात्रा की शुरुआत की गई। इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाएं और पुरुष हाथों में केसरिया ध्वज थामे, ढोल-नगाड़ों की गूंज पर नृत्य करते हुए आगे बढ़ते नजर आए। मां वाग्देवी के चित्र को भोजशाला में ले जाकर उसके बाद यात्रा का मोती बाग चौक में समापन होगा।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत