दिल्ली में राष्ट्रीय जनजातीय एवं लोक संस्कृति साहित्य महोत्सव बुधवार से
नई दिल्ली, 24 मार्च (हि.स.)। दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) 25-26 मार्च को 10वें राष्ट्रीय जनजातीय एवं लोक संस्कृति साहित्य महोत्सव का आयोजन करेगा।
आईजीएनसीए के मुताबिक कार्यक्रम का शुभारंभ 25 मार्च को सुबह 10 बजे से होगा। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी उपस्थित रहेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्कल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. केके मिश्रा शिरकत करेंगे जबकि अध्यक्षता आईजीआरएमएस भोपाल के निदेशक प्रो. अमिताभ पांडे करेंगे।
महोत्सव का समापन समारोह 26 मार्च को शाम 4 बजे से होगा। इसमें आईजीएनसीए के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय मुख्य अतिथि होंगे। प्रो. अमिताभ पांडे संगोष्ठी की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
इस कार्यक्रम को कला निधि प्रभाग और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय (आईजीआरएमएस), भोपाल संयुक्त रूप से आयोजित कर रहा है।कार्यक्रम का विषय जनजातीय साहित्य, भाषाएं, ज्ञान परंपराएं एवं सांस्कृतिक धरोहर है।
दो दिवसीय इस महोत्सव में देशभर के विद्वान और शोधकर्ता निम्नलिखित विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। इनमें अमूर्त सांस्कृतिक विरासत, भारतीय ज्ञान प्रणाली, शिक्षा और भाषा नीति और पीढ़ी-दर-पीढ़ी ज्ञान शामिल हैं।
महोत्सव के पहले दिन की शाम जनजातीय कला और लोक अभिव्यक्तियों की जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के नाम रहेगी। दूसरे दिन लोक कलाकारों के लिए विशेष संवाद सत्र आयोजित होगा, जिसमें पारंपरिक कविताएं, लोककथाएं और पहेलियां साझा की जाएंगी।
यह आयोजन भारतीय सांस्कृतिक अस्मिता और जनजातीय समाज की सृजनशीलता को राष्ट्रीय पटल पर लाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। आईजीएनसीए ने इस कार्यक्रम में सभी कला और संस्कृति प्रेमियों को आमंत्रित किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी