छत्तीसगढ़ में विदेशी निवेश का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, दो महिलाएं गिरफ्तार

 


- निवेश के नाम पर 1.13 करोड़ की ठगी का मामला

रायपुर, 4 अगस्त (हि.स.)। राजधानी रायपुर पुलिस ने मंगलवार को 1.13 करोड़ रुपये की निवेश धोखाधड़ी के मामले का खुलासा करते हुए दो अंतरराज्यीय महिला आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने वॉश-वॉश और ब्लैक मनी स्कैम की तर्ज पर निवेश दिलाने का झांसा देकर एक कंपनी के डायरेक्टर से करोड़ों रुपये की ठगी की थी। दोनों आरोपितों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया गया है।

यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने की।

पुलिस के अनुसार बालोद जिले के ग्राम बोरिदकला निवासी उमेश कुमार सिन्हा ने थाना तेलीबांधा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वह सालिक ग्रीन रिन्यूएबल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। कंपनी के विस्तार और नए प्लांट की स्थापना के लिए करीब 45 करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता थी। इसी दौरान आरोपितों ने निवेश और फंड उपलब्ध कराने का झांसा देकर उनसे संपर्क किया।

आरोपितों ने खुद को प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताते हुए बड़े अधिकारियों से बैठक, फाइल प्रक्रिया, सुरक्षा स्वीकृति, विदेशी परीक्षण और विशेष केमिकल के नाम पर प्रार्थी को विश्वास में लिया। इसके बाद चेन्नई और नागपुर बुलाकर नकली केमिकल, विदेशी तकनीक और काले नोटों को असली नोटों में बदलने का झूठा प्रदर्शन किया गया।

पुलिस के मुताबिक आरोपितों ने अलग-अलग बहानों से प्रार्थी से कई किश्तों में कुल 1 करोड़ 13 लाख रुपये ले लिए और बाद में राशि वापस नहीं की। शिकायत के आधार पर थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 330/26 के तहत बीएनएस की धारा 318(4), 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण किया। इस आधार पर दो महिला आरोपितों की पहचान कर उन्हें नागपुर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपितों ने अन्य साथियों के साथ मिलकर निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार की है।

पुलिस ने बताया कि आरोपित महाराष्ट्र के नागपुर, उत्तर प्रदेश के लखनऊ सहित देश के कई राज्यों में इसी तरह की ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। इनके आपराधिक नेटवर्क और अन्य मामलों की जानकारी जुटाने के लिए संबंधित राज्यों की पुलिस से समन्वय किया जा रहा है।

गिरफ्तार आरोपितों में कनिज फातमा उर्फ भावना पांडेय (24 वर्ष), निवासी कोलकाता और दीपिका पालीवाल (24 वर्ष), निवासी उदयपुर, राजस्थान है।आरोपितों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, 26 हजार रुपये नगद, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड जब्त किए गए हैं। पुलिस फरार अन्य आरोपितों की तलाश में जुटी है।

पुलिस ने बताया कि, आरोपित खुद को प्रभावशाली लोगों और विदेशी निवेशकों से जुड़ा बताकर बड़े निवेश का झांसा देते थे। इसके बाद नकली रासायनिक प्रक्रिया दिखाकर काले नोटों को असली मुद्रा में बदलने का झूठा दावा किया जाता था और विभिन्न बहानों से लोगों से लाखों-करोड़ों रुपये ऐंठे जाते थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर