योगी सरकार की एफडीआई नीति का असर, उन्नाव में ₹2,078 करोड़ से लगा क्राउन का प्लांट

 

भारत में पहली विनिर्माण इकाई का हुआ भूमिपूजन, 200 को प्रत्यक्ष और 1,500 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर

यूपी के औद्योगिक इकोसिस्टम पर बढ़ा वैश्विक कंपनियों का भरोसा

प्रदेश ने पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार

लखनऊ, 9 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख औद्योगिक एवं विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। प्रदेश की आकर्षक एफडीआई नीति-2023 के तहत वैश्विक पैकेजिंग कंपनी क्राउन होल्डिंग्स की भारतीय इकाई क्राउन पैकेजिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने उन्नाव स्थित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (आईएमएलसी) में अपने पहले ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम बेवरेज कैन विनिर्माण संयंत्र का भूमिपूजन किया।

करीब ₹2,078.44 करोड़ के निवेश से स्थापित होने वाला यह संयंत्र भारत में क्राउन होल्डिंग्स की पहली विनिर्माण इकाई होगी। लगभग 40 एकड़ क्षेत्र में बनने वाला अत्याधुनिक प्लांट देश के तेजी से बढ़ते पेय पदार्थ उद्योग की पैकेजिंग जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

200 को प्रत्यक्ष और 1,500 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर

परियोजना से 200 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और 1,500 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, परिवहन, रखरखाव और स्थानीय वेंडर नेटवर्क में भी रोजगार एवं कारोबार के नए अवसर पैदा होंगे।

भूमिपूजन समारोह में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि प्रदेश में अब केवल औद्योगिक परियोजनाओं का पंजीकरण नहीं हो रहा, बल्कि उन्हें तेजी से धरातल पर उतारकर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं। उन्नाव में क्राउन की परियोजना इसका उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि यह निवेश उत्तर प्रदेश के मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम पर अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के विजन को साकार करने की दिशा में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।

116 करोड़ कैन सालाना होगी शुरुआती क्षमता

करीब 40 एकड़ में प्रस्तावित संयंत्र की प्रारंभिक स्थापित क्षमता 116.2 करोड़ कैन प्रतिवर्ष होगी, जिसे आगे बढ़ाकर 178.6 करोड़ कैन प्रतिवर्ष तक किया जा सकेगा। पहले वर्ष में करीब 67 करोड़ कैन के उत्पादन का अनुमान है, जो नौवें-दसवें वर्ष तक बढ़कर लगभग 170 करोड़ कैन प्रतिवर्ष हो सकता है।

क्राउन पैकेजिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का गठन मार्च 2026 में हुआ है। यह क्राउन होल्डिंग्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और इसका पंजीकृत कार्यालय लखनऊ में है। परियोजना का मूल्यांकन उत्तर प्रदेश की एफडीआई, फॉर्च्यून ग्लोबल 500 एवं फॉर्च्यून इंडिया 500 कंपनियों के लिए निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के तहत किया गया है।

योगी सरकार की नीतियों से यूपी बना निवेश का पसंदीदा ठिकाना

योगी सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों, बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत आधारभूत ढांचे और निवेशकों को मिलने वाली सुविधाओं से उत्तर प्रदेश में देश-विदेश की कंपनियों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। उन्नाव में क्राउन का निवेश इसी बदलते औद्योगिक परिदृश्य की बड़ी मिसाल है।

इस तरह के बड़े निवेश से केवल एक नई औद्योगिक इकाई स्थापित नहीं हो रही, बल्कि उसके साथ एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन, वेयरहाउसिंग और सेवा क्षेत्र में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ प्रदेश के औद्योगिक आधार को मजबूती मिलेगी।