सीमापार से ड्रोन के जरिए गिराए हथियार, विस्फोटक, पंजाब के दो युवक गिरफ्तार

 


जयपुर/श्रीगंगानगर , 13 अक्टूबर (हि.स.)। पाकिस्तान सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले के रावला क्षेत्र में ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक गिराने की साजिश का सुरक्षा एजेंसियों ने पर्दाफाश किया है। सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात सीमापार से ड्रोन के जरिए तीन पैकेट गिराए गए। इनमें दो जिगाना पिस्टल, चार मैगजीन, करीब 650 कारतूस, लगभग 7 किलोग्राम विस्फोटक और आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद हुए हैं। इस मामले में पंजाब निवासी दो युवकों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। बरामद हथियारों में शामिल पिस्टल पर ‘मेड इन टर्की’ लिखा हुआ है।

एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और रावला पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत 12 केएनडी के गांव चक 4 केएनएम डब्ल्यू टेल के पास एक खेत से संदिग्ध पैकेट बरामद किए। शुरुआती सूचना में पैकेटों में मादक पदार्थ होने की आशंका जताई गई थी। बाद में तलाशी के दौरान हथियार और विस्फोटक सामग्री मिलने पर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। विस्फोटक की जांच के लिए जयपुर से एंटी बम स्क्वॉड को बुलाया गया है।

एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने मंगलवार को बताया कि उनकी टीम करीब एक महीने से सीमावर्ती क्षेत्र में इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। सोमवार रात करीब 12 से मंगलवार तड़के 2 बजे के बीच ड्रोन के जरिए तीन पैकेट गिराए जाने की सूचना मिली थी। पैकेट खानुवाली सीमा चौकी से करीब एक किलोमीटर दूर नहर किनारे खेत में गिराए गए थे। एएनटीएफ को तड़के करीब 3 बजे इसकी सूचना मिली, जिसके बाद बीएसएफ और स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई।

आईजी विकास कुमार के अनुसार बरामद सामग्री में बड़ी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक शामिल हैं। विस्फोटक के साथ आईईडी तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण मिलने से मामले की गंभीरता बढ़ गई है। सभी सामग्री को जब्त कर जांच शुरू कर दी गई है।

कार्रवाई के दौरान पंजाब के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक जालंधर और दूसरा फिरोजपुर क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां दोनों से पूछताछ कर उनके संपर्कों, आपराधिक पृष्ठभूमि और सीमापार से भेजी गई खेप के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही हैं। अनुसंधान की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल आरोपिताें की विस्तृत पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने कहा कि सीमापार से इतनी बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भेजा जाना किसी बड़ी साजिश का संकेत हो सकता है। हालांकि, खेप किसके लिए भेजी गई थी और इसका इस्तेमाल कहां किया जाना था, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। उन्होंने बताया कि विभिन्न सुरक्षा और जांच एजेंसियां आपसी समन्वय से मामले की पड़ताल कर रही हैं। जांच में कुछ अहम सुराग मिले हैं और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

घटना के बाद सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। खेतों, नहरों और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। मामले की जांच में एएनटीएफ के सीआई महेंद्र दत्त शर्मा, रावला थाना प्रभारी बलवंत कुमार, बीएसएफ के महेश, सीआईडी की एएसपी दीक्षा कामरा और एटीएस के सीआई हनुमाना राम बिश्नोई सहित संबंधित एजेंसियों के अधिकारी जुटे हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हथियार और विस्फोटक किस नेटवर्क के जरिए मंगवाए गए, इन्हें कहां पहुंचाया जाना था और इस साजिश में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश