दिल्ली पुलिस अधिकारी का फर्जी अश्लील एआई पोस्टर वायरल करने वाला गिरफ्तार

 

नई दिल्ली, 05 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली पुलिस ने एक पुलिस अधिकारी की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से तैयार किया गया फर्जी और आपत्तिजनक पोस्टर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में 24 वर्षीय नसीम को गिरफ्तार किया है।

आरोपित ने इस डिजिटल रूप से तैयार पोस्टर में पुलिस अधिकारी को एक महिला का यौन उत्पीड़न करते हुए दर्शाया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपित को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने पूछताछ और विस्तृत जांच के लिए उसे रिमांड पर ले लिया है।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मंजीत ने प्रेस वार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपित नसीम 10वीं फेल है, लेकिन खुद को सोशल मीडिया पर स्वतंत्र पत्रकार के रूप में पेश करता था। उसने इसी वर्ष अप्रैल में इंस्टाग्राम पर एक चैनल शुरू किया था, जिस पर करीब 24 हजार फॉलोअर्स और 1,226 पोस्ट मौजूद हैं। पुलिस उसके मोबाइल फोन को जब्त कर उसके सोशल मीडिया हैंडल, पोस्ट और संदेशों की तकनीकी जांच कर रही है।

जांच अधिकारियों के अनुसार नसीम ने आधुनिक एआई टूल्स का दुरुपयोग कर यह आपत्तिजनक ग्राफिक पोस्टर तैयार किया था। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह किसी वास्तविक घटना का चित्रण नहीं था बल्कि एक सोची-समझी डिजिटल जालसाजी थी। इसका उद्देश्य पुलिस अधिकारी की छवि को जनता के बीच गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाना और भ्रामक धारणा फैलाना था।

यह घटनाक्रम उस पृष्ठभूमि में सामने आया है, जब मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) पर महिला पत्रकार से कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगा था। उसी दौरान इंटरनेट मीडिया पर संबंधित अधिकारी को निशाना बनाकर कई आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्रियां प्रसारित की गई थीं।

पुलिस अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि फर्जी पोस्टर तैयार करने और उसे वायरल कराने के पीछे क्या कोई संगठित समूह या बड़ी साजिश शामिल थी। आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट्स की फॉरेंसिक पड़ताल की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि यह पोस्टर किसने तैयार करवाया और इसे पहली बार किन खातों से आगे बढ़ाया गया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी