लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाने का प्रभावी मंच है सीपीए सम्मेलन : उपसभापति हरिवंश

 


- भविष्य की चुनौतियों पर सार्थक विचार-विमर्श का प्रभावी मंच साबित हुआ: हरविन्द्र कल्याण

चंडीगढ़, 09 जून (हि.स.)। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में देशभर के जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद, सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। संसदीय सम्मेलनों और क्षेत्रीय मंचों के माध्यम से संसद एवं राज्य विधानमंडलों के सदस्यों को श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान करने, राष्ट्रीय चुनौतियों पर चर्चा करने तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त होता है।

इसी कड़ी में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) इंडिया रीजन ज़ोन-II सम्मेलन का आयोजन चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा के तत्वावधान में किया गया। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने मंगलवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि दो दिवसीय सम्मेलन में लगभग 40 वक्ताओं ने अपने विचार रखे। विभिन्न राजनीतिक दलों और वैचारिक पृष्ठभूमियों से जुड़े प्रतिनिधियों ने सांझा उद्देश्य के साथ चर्चा की तथा कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकार किया।

उन्होंने कहा कि औपचारिक प्रस्तावों के अतिरिक्त एक “अलिखित संकल्प” भी सम्मेलन की महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा। सभी प्रतिनिधियों ने हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण, हरियाणा विधानसभा सचिवालय, हरियाणा सरकार तथा चंडीगढ़ प्रशासन का तथा सम्मेलन के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।

हरिवंश ने कहा कि राष्ट्रमंडल संसदीय संघ तथा अन्य संसदीय मंचों पर लिए गए निर्णयों की नियमित समीक्षा की जाती है, ताकि उनकी प्रगति का आंकलन किया जा सके और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। राज्य विधानसभाओं के साथ निरंतर परामर्श के माध्यम से इन पहलों को और अधिक सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मार्गदर्शन में हाल के वर्षों में संसदीय सम्मेलनों और विधायी संवादों को अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं। देश में लगभग पांच हजार जनप्रतिनिधी है, जिनमें सांसद, विधायक और विधान परिषदों के सदस्य शामिल हैं। जिनके बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुआ है।

इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि दो दिवसीय सम्मेलन लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाने, विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने तथा भविष्य की चुनौतियों पर सार्थक विचार-विमर्श का प्रभावी मंच साबित हुआ। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों और विचारधाराओं से जुड़े जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद लोकतंत्र को मजबूत करने और जनहित के मुद्दों पर सांझा दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक हुआ है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने हरियाणा विधानसभा में पार्लियामेंट्री रिसर्च एंड इनोवेशन सेंटर(पीआरआईसी) तथा संविधान गैलरी का उद्घाटन भी किया। यह केंद्र विधानसभा सदस्यों को बेहतर शोध एवं विधायी सहायता उपलब्ध कराने में सहायक होगा, जबकि संविधान गैलरी युवाओं और आम नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों तथा लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य करेगी। कल्याण ने कहा कि “अतिथि देवो भव:” की भावना के अनुरूप हरियाणा विधानसभा, हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन ने मिलकर सम्मेलन की उत्कृष्ट व्यवस्थाएं सुनिश्चित की।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा