पवन खेड़ा के घर असम पुलिस की छापेमारी को कांग्रेस ने बताया राजनीतिक प्रताड़ना

 


नई दिल्ली/गुवाहाटी, 07 अप्रैल (हि.स.)। कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर असम पुलिस की छापेमारी का पार्टी ने विरोध करते हुए इसे राजनीतिक प्रताड़ना करार दिया है। पार्टी ने इसके खिलाफ संघर्ष का भी ऐलान किया है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुवाहाटी में पत्रकार वार्ता में कहा कि भाजपा सरकार पर सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है। पवन खेड़ा पर लगाए गए आरोपों की जांच सरकार को करानी चाहिए और जनता को बताना चाहिए कि आरोप सही हैं या गलत। एफआईआर दर्ज कर लें, इससे कोई डरता नहीं है। हम मुकाबला करेंगे। सीबीआई, ईडी, इनकम टैक्स जैसी एजेंसियां हमें लगातार तंग करती रही हैं। जो लोग जेल गए, बाद में भाजपा में शामिल होकर साफ हो गए। इस मामले में भी हम लड़ेंगे।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा कि पवन खेड़ा को जनहित में सवाल पूछने के कारण गिरफ्तार करने की कोशिश यह साबित करती है कि असम के मुख्यमंत्री विचलित और घबराए हुए हैं। उन्होंने इसे विधिसम्मत प्रक्रिया नहीं बल्कि विपक्ष की आवाज़ दबाने का प्रयास बताया।

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने एक्स पर कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे हैं और इसी कारण बौखलाए हुए हैं। पवन खेड़ा ने साक्ष्यों के साथ सवाल पूछे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री जवाब देने के बजाय धमकियां दे रहे हैं और पुलिस का इस्तेमाल कर रहे हैं। जनता आगामी 9 अप्रैल को इसका जवाब देगी।

उल्लेखनीय है कि पवन खेड़ा ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइंया सरमा के पास तीन विदेशी पासपोर्ट हैं और उनके नाम से कई कंपनियां विदेशों में रजिस्टर्ड हैं, जिसकी जानकारी मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग को नहीं दी है। इस पर रिंकी भुइंया ने असम पुलिस से शिकायत की थी। इस पर असम पुलिस की टीम मंगलवार सुबह दिल्ली के निजामुद्दीन ईस्ट स्थित खेड़ा के घर पहुंची।

असम पुलिस के अपर पुलिस आयुक्त देबोजीत नाथ ने बताया कि गुवाहाटी के क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में पवन खेड़ा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उनकी तलाश में टीम दिल्ली आई थी। तलाशी के दौरान कुछ आपत्तिजनक सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ज़ब्त किए गए हैं। हालांकि खेड़ा उस समय घर पर मौजूद नहीं थे। अभी उनके ठिकाने की जानकारी नहीं है, लेकिन उन्हें जल्द ढूंढ लिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर