कुवैत में भारतीयों की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस महासचिव ने विदेश मंत्री को लिखा पत्र

 


नई दिल्ली, 03 जून (हि.स.)। कांग्रेस महासचिव (संगठन) और संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष केसी वेणुगोपाल ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर कुवैत हवाई अड्डे पर ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर तत्काल कदम उठाने की अपील की है।

केसी वेणुगोपाल ने पत्र में कहा कि हमलों के बाद हवाई अड्डा और उसके आसपास बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं और वे भय तथा अनिश्चितता की स्थिति में हैं। उन्होंने विदेश मंत्रालय से संकट प्रबंधन उपायों को युद्धस्तर पर शुरू करने का अनुरोध किया है।

उन्होंने पत्र में विदेश मंत्री से भारतीय दूतावास को निर्देश देकर कि सभी भारतीय नागरिकों को तुरंत सुरक्षित शरणस्थलों स्थानांतरित कराने की अपील की। साथ ही, उन्होंने पत्र में हवाई अड्डा प्राधिकरण और कुवैत सरकार के साथ समन्वय कर भोजन और चिकित्सा सहायता की तत्काल व्यवस्था करने की भी मांग की।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार को सभी संबंधित एयरलाइनों को सख्ती से निर्देश देना चाहिए कि वे यह पक्का करें कि सभी प्रभावित यात्रियों के लिए यात्रा री-शेड्यूलिंग पूरी तरह से फ्री की जाए।

वेणुगोपाल ने पत्र में यात्रियों की सुविधा के लिए 24x7 आपातकालीन टोल‑फ्री हेल्पलाइन स्थापित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि आपातकालीन टोल‑फ्री हेल्पलाइन स्थापित होने से वहां फंसे हुए भारतीयों को समय पर जानकारी और सहायता मिल सकेगी। उन्होंने उन यात्रियों के लिए आपातकालीन सर्टिफिकेट जारी करने की भी मांग की है जिनके यात्रा दस्तावेज खो गए हैं, ताकि उनकी भारत वापसी सुनिश्चित हो सके।

उल्लेखनीय है कि कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से हमला कर दिया। एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए, जिनमें कई लोग घायल हो गए और एयरपोर्ट की इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है। अब तक एक व्यक्ति की मौत की खबर भी है।

घटना के बाद सभी उड़ानों की आवाजाही तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है। कुवैत की पब्लिक अथॉरिटी फॉर सिविल एविएशन (पीएसीए) ने बताया कि हमले के बाद एयरपोर्ट का इमरजेंसी प्लान सक्रिय कर दिया गया है। पीएसीए प्रवक्ता अब्दुल्ला अल-राजही ने कहा कि यात्रियों, कर्मचारियों और एयरपोर्ट सुविधाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी निर्धारित प्रोटोकॉल लागू किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि टर्मिनल-1 पर ड्रोन और मिसाइलों के हमले के बाद एयर ट्रैफिक पूरी तरह निलंबित कर दिया गया है। कई उड़ानों को आसपास के दूसरे एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया है। तकनीकी और सुरक्षा एजेंसियां इरान के ताजा हमले के बाद नुकसान का आकलन कर रही हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर