कांग्रेस ने पंजाब में गुलजार सिंह मौत मामले में हरपाल सिंह चीमा का मांगा इस्तीफा
नई दिल्ली, 08 सितंबर (हि.स.)। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने किसान गुलजार सिंह की मौत के मामले में राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफा की मांग की है। बाजवा ने कहा कि चीमा के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार लोगों को सवाल पूछने तक की अनुमति नहीं दे रही है।
बाजवा ने यहां कांग्रेस मुख्यालय में मंगलवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने छह सितंबर को एक सभा में दावा किया था कि राज्य में नशे के खिलाफ अभियान सफल रहा है। सभा में मौजूद गुलजार सिंह ने मंत्री के दावे का विरोध करते हुए कहा था कि नशा पंजाब के हर घर तक पहुंच चुका है। अगले दिन गांव के पंच और आम आदमी पार्टी के समर्थक गुलजार सिंह के घर पहुंचे तथा उनसे मंत्री से माफी मांगने के लिए कहा।
उन्होंने दावा किया कि माफी से इनकार करने के बाद गुलजार सिंह पर दबाव बढ़ा और बाद में उन्होंने एक वीडियो जारी कर मंत्री के इशारे पर धमकाए जाने का आरोप लगाया। बाजवा ने कहा कि अब खबर है कि गुलजार सिंह ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली।
उन्होंने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार का एक चिंताजनक चेहरा सामने आ रहा है। राज्य में जहां भी सरकारी कर्मचारी, किसान, मनरेगा कर्मी, आशा कार्यकर्ता, मजदूर और युवा प्रदर्शन करते हैं, वहां पुलिस बल का इस्तेमाल किया जाता है। आम आदमी पार्टी सरकार ने पंजाब पुलिस को प्राइवेट मिलिशिया में बदल दिया है।
बाजवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी को पंजाब में सत्ता में आए चार वर्ष से अधिक समय हो गया है, लेकिन वह राज्य की स्थिति में सुधार नहीं कर सकी है। पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी है और लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राज्य में रंगदारी, गैंगस्टर गतिविधियां और मादक पदार्थों की तस्करी गंभीर समस्या बनी हुई हैं। पंजाब सीमावर्ती राज्य है और पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थ तथा हथियारों की तस्करी हो रही है। इस मुद्दे पर राज्य और केंद्र, दोनों सरकारें प्रभावी नियंत्रण करने में विफल रही हैं।
उन्होंने कहा कि यदि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को वास्तव में पंजाब की चिंता है तो उन्हें हरपाल सिंह चीमा का इस्तीफा लेना चाहिए और गुलजार सिंह की मौत के मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करानी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर