हल्द्वानी के कथित 'शुद्धिकरण यज्ञ' के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाएगी कांग्रेस : सांसद डॉ. मल्लू रवि
नई दिल्ली, 30 सितंबर (हि.स.)। कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उत्तराखंड के हल्द्वानी में जनसभा के बाद रामलीला मैदान के कथित 'शुद्धिकरण यज्ञ' मामले को कांग्रेस ने समस्त दलित और आदिवासी समाज के आत्मसम्मान पर सीधा आघात करार दिया है। इसके विरोध में कांग्रेस के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) फोरम के नेतृत्व में राष्ट्रीय राजधानी के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब स्थित मावलंकर हॉल में 'दलित-आदिवासी स्वाभिमान बैठक' आयोजित कर देशव्यापी आंदोलन की शुरु करने का दावा किया गया है।
इस अभियान का नेतृत्व कर रहे तेलंगाना के नागरकुरनूल से कांग्रेस सांसद डॉ. मल्लू रवि ने बताया कि आज कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के मावलंकर हॉल में आयोजित 'दलित-आदिवासी स्वाभिमान बैठक' में देशभर से एक हजार से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इसमें हमारे वर्तमान सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, कांग्रेस शासित राज्यों के मंत्री सहित तमाम नेता मौजूद रहे। आज की बैठक में आगे का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसके बाद नवंबर के अंतिम सप्ताह में दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में एक बड़ा राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे शामिल होंगे।
कांग्रेस सांसद डॉ. मल्लू रवि ने बताया कि लोकसभा और राज्यसभा के एससी-एसटी सांसदों ने 7 सितंबर को बैठक कर मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद हुए शुद्धिकरण के कृत्य पर गहन चर्चा की थी। बैठक में एकमत से कहा गया कि यह केवल मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान नहीं बल्कि देशभर के समस्त एससी और एसटी समाज का अपमान है। इसके विरोध में 8 सितंबर को करीब 22 सांसद संसद मार्ग थाने गए और वहां जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग की लेकिन वहां के एसएचओ और एसीपी ने एफआईआर दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि हम साढ़े तीन घंटे तक थाने में धरने पर बैठे रहे। इसके बाद पुलिस ने हल्द्वानी थाने में 8 सितंबर तक लंबित पड़ी एक एफआईआर को व्हाट्सएप पर मंगाया, उसका प्रिंट निकाला और दिखाया कि हल्द्वानी में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। सरकार की जिम्मेदारी सिर्फ एफआईआर दर्ज करने की नहीं बल्कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की है। राहुल गांधी ने जब इसके खिलाफ आवाज उठाई तो दोषियों पर कार्रवाई के बजाय राहुल गांधी पर ही केस दर्ज कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि राहुल गांधी पर दर्ज झूठी एफआईआर तुरंत निरस्त की जाए और दोषियों को सजा मिले। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और नेता सदन जेपी नड्डा ने स्पष्ट रूप से भरोसा दिलाया था कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी लेकिन सदन में दिए गए इस आश्वासन के बावजूद क्या हुआ? यह खरगे पर व्यक्तिगत हमला नहीं बल्कि इसके जरिए देश के समस्त दलित और आदिवासी समाज को पहुंचाई गई है। ---------------
हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर