इतिहास के पन्नों में 19 मार्च : भारत-बांग्लादेश मैत्री संधि की यादगार तारीख
भारत और बांग्लादेश के इतिहास में 19 मार्च की तारीख एक विशेष महत्व रखती है। इस दिन 1972 में दोनों देशों ने दोस्ती और सहयोग की नई पहल की थी, जिसने द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक नया युग शुरू किया।
19 मार्च 1972 को भारत और बांग्लादेश के बीच शांति एवं मैत्री संधि पर हस्ताक्षर हुए। यह संधि केवल राजनीतिक और सुरक्षा मामलों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें सांस्कृतिक, साहित्यिक और कला क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने का भी लक्ष्य रखा गया। संधि में उपनिवेशवाद की आलोचना, गुटनिरपेक्ष नीति और साझा मूल्यों पर आधारित सहयोग को प्रमुख रूप से शामिल किया गया।
दोनों देशों ने संधि के माध्यम से यह वादा किया कि वे एक-दूसरे का समर्थन करेंगे और क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और विकास में सहयोग को प्रोत्साहित करेंगे। इस संधि ने द्विपक्षीय संबंधों की नींव को मजबूत किया और भारत-बांग्लादेश के बीच मित्रवत संबंधों की दिशा तय की।
सालों बाद भी 19 मार्च की यह तारीख भारत और बांग्लादेश की साझी विरासत और दोस्ती का प्रतीक मानी जाती है। यह दिन उन प्रयासों की याद दिलाता है, जिनके माध्यम से दोनों देशों ने परस्पर सम्मान, सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्राथमिकता दी।
आज भी भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार, शिक्षा, संस्कृति और क्षेत्रीय सुरक्षा के क्षेत्रों में यह संधि आधारशिला का काम करती है और दोनों देशों की मित्रता को मजबूत बनाए रखने में योगदान देती है।
महत्वपूर्ण घटनाचक्र
1279 - मंगोलों ने चीन के सांग वंश का अंत किया।
1571 - स्पेन की सैन्य टुकड़ियों ने मनीला पर कब्जा किया।
1920 - अमेरिकी सीनेट ने वर्साय की संधि को खारिज किया।
1944 - आजाद हिंद फौज ने पूर्वोत्तर भारत में मुख्य भूमि पर राष्ट्रध्वज फहराया।
1965 - इंडोनेशिया ने सभी विदेशी तेल कंपनियों का राष्ट्रीयकरण किया।
1972 - भारत और बांग्लादेश के बीच में मित्रता संधि पर हस्ताक्षर किया।
1982 - ब्रिटेन एवं बेटिकन में 400 वर्षों के अंतराल के बाद राजनयिक संबंध स्थापित।
1990 - विश्व की आईआईएचएफ अनुमोदित पहली महिला आइस हॉकी का आयोजन।
1996 - बोस्निया हर्जेगोविना की राजधानी सरायेवो का पुन: एकीकरण।
1998 - अटल बिहारी वाजपेयी ने दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला।
1999 - यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जैकस सांटर का अपने पद से इस्तीफ़ा।
2001 - तालिबान द्वारा 100 गायों की बलि, ब्रिटेन के उच्च सदन ने संगीतकार नदीम के प्रत्यर्पण का प्रस्ताव ठुकराया।
2001 - ब्रिटेन के उच्च सदन ने संगीतकार नदीम के प्रत्यर्पण का प्रस्ताव ठुकराया।
2004 - अमेरिका ने विश्व व्यापार संगठन में पहली बार चीन पर मुकदमा ठोका।
2005 - पाकिस्तान ने शाहीन-II प्रक्षेपास्त्र का सफल परीक्षण किया।
2007 - पाकिस्तान की मुख्तारन माई को यूरोपीय परिषद का मानवाधिकार सम्मान प्रदान किया गया।
2008 - डोनकुपर रॉय ने मेघालय के नये मुख्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
2008 - पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने सबरजीत की फांसी 30 अप्रैल, 2008 तक रोकी।
2008 - संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार पर बने नये मसौदे को भारत सहित अधिकतर देशों ने खारिज किया।
2009 - डालर के मुक़ाबले में रुपया 93 पैसे की लम्बी छलांग लगाकर तीन सप्ताह के उच्चतर स्तर पर पहुँचा।
2020 - कोरोना वायरस के संक्रमण से देश में चौथी मौत। कुल 173 मामले। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महामारी के हालात के बारे में देश के नाम संबोधन में 22 मार्च को सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक 'जनता कर्फ्यू' का आह्वान किया।
जन्म
1876 - जॉन मार्शल - 1902 से 1928 तक भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक थे।
1884 - नारायण भास्कर खरे - मध्य प्रदेश के भूतपूर्व मख्यमंत्री।
1911 - अगरचन्द नाहटा, जैन साहित्य के विशेषज्ञ तथा अनुसन्धानपूर्ण लेखक थे।
1939- जगदीप - हिन्दी सिनेमा के प्रसिद्ध हास्य कलाकार।
1943 - योगेश (गीतकार) - प्रसिद्ध भारतीय गीतकार और लेखक थे।
1953 - माधुरी बड़थ्वाल - उत्तराखंड के लोक संगीत से जुड़ी प्रसिद्ध लोक गायिका हैं।
1954 - इंदु शाहानी, भारतीय शिक्षाविद।
1955 - दोरजी खांडू - अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे थे।
1984 - तनुश्री दत्ता - भारतीय अभिनेत्री।
निधन
1890 - पण्डित गुरुदत्त विद्यार्थी - स्वामी दयानन्द सरस्वती के शिष्य तथा आर्य समाज के पाँच प्रमुख नेताओं में से एक।
1978 - एम. ए. अय्यंगार - प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष।
1982 - जे. बी. कृपलानी - प्रसिद्ध भारतीय क्रांतिकारी और राजनीतिज्ञ।
1998 - ई. एम. एस. नमबूद्रिपद - प्रसिद्ध कम्युनिस्ट नेताओं में से एक और केरल के प्रथम मुख्यमंत्री।
2006 - गोलप बोर्बोरा - भारतीय राज्य असम के छठे मुख्यमंत्री थे।
2011 - नवीन निश्चल - भारतीय फ़िल्म अभिनेता थे।
2015 - सूरजभान सिंह - प्रसिद्ध भाषा चिंतक और शिक्षाविद।
2018 - केदारनाथ सिंह - साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित कवि व साहित्यकार थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय