मुख्यमंत्री योगी आज सिंगापुर और जापान की यात्रा पर होंगे रवाना , ग्लोबल कंपनियों के प्रतिनिधियों से करेंगे भेंट
-छह साै किमी रफ्तार वाली मैग्लेव में सफर करेंगे मुख्यमंत्री योगी-पटरी से ऊपर हवा में तैरकर चलने वाली ट्रेन की परीक्षण यात्रा में शामिल होंगे मुख्यमंत्री-भारत जापान सहयोग से स्मार्ट और सतत परिवहन को मिल सकती है नई दिशा
लखनऊ, 22 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज सिंगापुर और जापान की चार दिवसीय यात्रा पर रवाना होंगे। वे विभिन्न कार्यक्रमाें में हिस्सा लेंगे। 2017 की म्यांमार यात्रा के बाद यह मुख्यमंत्री योगी का पहली विदेश यात्रा हाेगी। इसे प्रदेश में निवेश कूटनीति और औद्योगिक विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 23-24 फरवरी को सिंगापुर और 25-26 फरवरी को जापान यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री 33 ग्लोबल कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।
महत्वपूर्ण बात यह है कि इस दौरान मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ बैठकों और राउंड टेबल मीटिंग के जरिए निवेशकों से सीधे रुबरु होकर प्रदेश के औद्योगिक रोडमैप, इज डूइंग, कानून व्यवस्था और व्यापार की संभावनाओं पर विस्तार से बातचीत करेंगे ताकि प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश लाया जा सके। प्रवासी भारतीयों और उत्तर प्रदेश वासियों को संबोधित करने के साथ वहां के स्कूली बच्चों से भी भेंट करेंगे। मुख्यमंत्री की यात्रा काे लेकर वहां के भारतीयाें में खासा उत्साह है।
मुख्यमंत्री करेंगे हाईस्पीड ट्रेन में यात्रा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे का हाईस्पीड ट्रेन विशेष आकर्षण बनने जा रही है। वे जापान की अत्याधुनिक मैग्लेव (मैग्नेटिक लेविटेशन) ट्रेन, जो चुंबकीय शक्ति के सहारे पटरी से ऊपर हवा में तैरते हुए चलती है, के 100 किलोमीटर की परीक्षण यात्रा करेंगे जिसमें 50 किलोमीटर जाना और 50 किलोमीटर की वापसी होगी।
जापान की मैग्लेव ट्रेन को आधुनिक परिवहन का भविष्य माना जा रहा है। चुंबकीय तकनीक के कारण ट्रेन और ट्रैक के बीच प्रत्यक्ष संपर्क समाप्त हो जाता है, जिससे घर्षण लगभग शून्य हो जाता है। यही कारण है कि यह ट्रेन 600 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति हासिल करने में सक्षम है।
मुख्यमंत्री याेगी की इस विदेश यात्रा को उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन ढांचे के विस्तार की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जापान की मैग्लेव जैसी भविष्य की तकनीक का प्रत्यक्ष अनुभव, नीति निर्माण और दीर्घकालिक योजना के लिए उपयोगी माना जा रहा है। जापानी विशेषज्ञों की मानें ताे इस ट्रेन में सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट और अत्याधुनिक गाइडवे सिस्टम का उपयोग किया गया है, जो इसे उच्च गति के साथ स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करता है। अभी ट्रायल चरण में ही संचालित यह ट्रेन जापान की उच्च तकनीकी क्षमता काे प्रदर्शित करती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह