दिल्ली की मुख्यमंत्री ने 10वीं में प्रवेश लेने वाली 1100 छात्राओं को साइकिल वितरित की
नई दिल्ली, 26 मार्च (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर शालीमार बाग विधानसभा के सरकारी स्कूलों में इस वर्ष 10वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाली 1100 छात्राओं को साइकिल वितरित की। यह कार्यक्रम पीतमपुरा स्थित सर्वोदय विद्यालय परिसर में आयोजित किया गया। साइकिल प्राप्त कर कई छात्राएं भावुक हो उठीं और उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बेटियों को ‘देवी स्वरूपा’ बताते हुए उन्हें नमन किया और कहा कि नवरात्रि केवल पूजा का नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान और उनके सशक्त भविष्य का संकल्प लेने का पर्व है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में प्रस्तुत दिल्ली बजट में उन्होंने बेटियों, बहनों और महिलाओं के लिए अधिकतम योजनाएं शामिल करने का प्रयास किया है ताकि समाज का यह वर्ग सशक्त और आत्मनिर्भर बन सके। मुख्यमंत्री ने भावुक अंदाज में ‘लखपति बिटिया योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि अब दिल्ली में जन्म लेने वाली हर बेटी के भविष्य की आर्थिक नींव सरकार खुद रखेगी।
उन्होंने बताया कि बेटी के जन्म से लेकर पहली, छठी, नौवीं, बारहवीं कक्षा और फिर कॉलेज के प्रत्येक वर्ष तक सरकार सीधे उसके खाते में आर्थिक सहायता जमा करेगी। ग्रेजुएशन पूरी करने तक हर बेटी को लगभग 1.25 लाख रुपये की सहायता मिलेगी, जिससे वह ‘लखपति बिटिया’ बनकर आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह चाहती हैं कि दिल्ली की हर बेटी स्कूल ही नहीं, कॉलेज तक पढ़े, अपने पैरों पर खड़ी हो और अपना भविष्य खुद बनाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने छात्राओं से उनकी समस्याएं जानीं तो पता चला कि स्कूल आने-जाने में कठिनाई के कारण कई बार पढ़ाई प्रभावित होती है, यहां तक कि कुछ बच्चियों को स्कूल छोड़ना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए सरकार ने निर्णय लिया कि हर वर्ष दसवीं कक्षा में आने वाली प्रत्येक छात्रा को साइकिल दी जाएगी। इस वर्ष लगभग 1,30,000 छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां नौवीं उत्तीर्ण छात्राओं को साइकिल सरकार की ओर से दी जाएगी, वहीं इस अवसर पर 10वीं में पहुंची छात्राओं को उन्होंने व्यक्तिगत पहल के तहत साइकिल भेंट की है।
मुख्यमंत्री ने कुछ राजनीतिक टिप्पणियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि बेटियों को साइकिल देने जैसी योजना पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियां बेहद शर्मनाक हैं। उन्होंने कहा कि हमारी बेटियां देवी हैं, उनके भविष्य के लिए बनाई गई योजना पर ऐसी बातें करना दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी सोच पर उन्हें शर्म आती है।
मुख्यमंत्री ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए अपने पिता की सीख साझा की और कहा कि परिस्थितियों के अनुसार डटकर जवाब देना सीखें, डरें नहीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार उनकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी लेती है और हर बेटी को आगे बढ़ने का पूरा अवसर दिया जाएगा। बेटियों को इतना बड़ा बनना है कि माता-पिता, समाज और देश उन पर गर्व करे। उन्हें पूरा विश्वास है कि दिल्ली की हर बेटी अपना भविष्य खुद लिखेगी।
मुख्यमंत्री ने छात्राओं के बीच जाकर उनसे सीधे संवाद किया। मुख्यमंत्री से मिलकर कई छात्राएं भावुक नजर आईं तो कई छात्राओं के आंसू छलक पड़े। किसी ने आईएएस बनने का सपना साझा किया तो किसी ने साइकिल मिलने से समय पर स्कूल पहुंचने की खुशी जताई। एक छात्रा ने कहा कि उसने कभी सोचा नहीं था कि उसे मुख्यमंत्री से मिलने का अवसर मिलेगा और बेटियों के लिए इतनी योजनाएं देखकर वह बेहद खुश है।
संवाद के दौरान छात्राओं ने भी मुख्यमंत्री के प्रति अपना उत्साह और आभार व्यक्त किया। एक छात्रा ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री से मिलकर अत्यंत खुशी हो रही है और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें इस प्रकार मिलने का अवसर मिलेगा। उस छात्रा ने मुख्यमंत्री द्वारा लड़कियों के लिए किए जा रहे कार्यों को सराहनीय व प्रेरणादायक बताया।
एक अन्य छात्रा ने साइकिल योजना के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि कई छात्राओं को दूरी और परिवहन की समस्याओं के कारण समय पर स्कूल पहुंचने में कठिनाई होती थी, लेकिन अब साइकिल मिलने से वे समय पर स्कूल पहुंच सकेंगी और अपनी पढ़ाई बेहतर तरीके से जारी रख पाएंगी। मुख्यमंत्री ने सभी छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया और आश्वासन दिया कि सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव