प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों की कानूनी लड़ाई लड़ेगी सीजेपी, कपिल सिब्बल ने एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की
नई दिल्ली, 27 जुलाई (हि.स.)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों में देशभर में कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तर तक वकीलों का नेटवर्क बनाने की घोषणा की है। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने इस पहल के लिए एक करोड़ रुपये का योगदान देने की घोषणा की।
सोमवार को यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि पार्टी एक वेबसाइट तैयार करेगी, जिसके माध्यम से जनहित के मुद्दों पर काम करने के इच्छुक वकीलों को जिला स्तर पर जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क के जरिए प्रदर्शनकारियों और युवाओं को देशभर में कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सिब्बल ने कहा कि सीजेपी एक ऐसा ढांचा तैयार करेगी, जिसके माध्यम से यह जानकारी एकत्र की जाएगी कि किस स्थान पर क्या घटनाएं हुईं, किन छात्रों या प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और उन्हें किस प्रकार की कानूनी सहायता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वेबसाइट पर ऐसे वकील भी अपना पंजीकरण करा सकेंगे जो स्वेच्छा से कानूनी सहायता देना चाहते हैं। उन्होंने इस उद्देश्य के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा करते हुए देशभर के अधिवक्ताओं और अन्य लोगों से भी इस कोष में योगदान देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि जहां भी कानून का दुरुपयोग होगा और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जाएंगे, वहां यह कानूनी नेटवर्क उनके समर्थन में खड़ा होगा।
सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि 25 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा तथा जितेंद्र सिंह के साथ हुई तीसरे दौर की वार्ता में जंतर-मंतर, 20 जुलाई तथा देशभर में हुए प्रदर्शनों से जुड़े प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने तथा भविष्य में कोई नया मामला दर्ज नहीं करने पर सहमति बनी थी।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने इस संबंध में लिखित मसौदा सरकार को सौंप दिया था और सरकार की ओर से मंगलवार तक लिखित मसौदा साझा करने का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने कहा कि यदि सरकार तय समय तक लिखित समझौता साझा नहीं करती और विभिन्न राज्यों में हिरासत में लिए गए छात्रों एवं प्रदर्शनकारियों को रिहा नहीं किया जाता, तो सीजेपी फिर से आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी।
प्रवक्ता रत्ना सिंह ने कहा कि यदि किसी प्रदर्शनकारी द्वारा प्रतिशोध में कोई अनुचित कार्रवाई की गई है और उसके पर्याप्त साक्ष्य हैं, तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वास्तविक और झूठे मामलों में अंतर करने के लिए साक्ष्य आवश्यक हैं और पार्टी भी अपने पक्ष के साक्ष्य प्रस्तुत करेगी।
इस अवसर पर सौरव दास ने कहा कि आंदोलन से जुड़े विभिन्न कानूनी मुद्दों पर वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से परामर्श लिया गया है, ताकि न्यायालय या अन्य माध्यमों से आंदोलन को भटकाने के किसी भी प्रयास का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार