कोलकाता पंडाल हादसा : आयोजकों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज, नवमी तक इलाके में धारा 163 लागू

 


कोलकाता, 19 अक्टूबर (हि.स.)। कोलकाता के चोरबगान पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत के बाद कोलकाता पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने इस लापरवाही के लिए पूजा आयोजकों के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली है। इसके साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से चोरबगान से सटे कुछ विशिष्ट इलाकों में मंगलवार (नवमी) तक के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू की है।

कोलकाता के पुलिस आयुक्त अजय नंद द्वारा रविवार सुबह जारी इस आदेश के तहत इन क्षेत्रों में पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया गया है। पुलिस के अनुसार, आयोजकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), धारा 110 (गैर-इरादतन हत्या का प्रयास) और धारा 3(5) (समान इरादे से समूह द्वारा अपराध) के तहत मामला दर्ज किया गया है। घटना की तह तक जाने के लिए पुलिस ने अब तक 14 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे सघन पूछताछ की जा रही है। सात लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है।

पुलिस आयुक्त की अधिसूचना के मुताबिक, निषेधाज्ञा मुख्य रूप से बऊबाजार थाना क्षेत्र के उन हिस्सों में लागू रहेगी जो चोरबगान पूजा पंडाल के करीब हैं। इनमें कॉलेज स्ट्रीट का कोलूटोला स्ट्रीट से ईडन अस्पताल रोड तक का हिस्सा, चित्तरंजन एवेन्यू (सीआर एवेन्यू) का कोलूटोला स्ट्रीट से ईडन अस्पताल रोड तक का हिस्सा, कोलूटोला स्ट्रीट का कॉलेज स्ट्रीट से सीआर एवेन्यू तक का हिस्सा और ईडन अस्पताल रोड का सीआर एवेन्यू से कॉलेज स्ट्रीट तक का इलाका शामिल है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन इलाकों में लाठी या कोई भी हथियार लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, यह पाबंदी पूरे बऊबाजार थाना क्षेत्र के लिए नहीं है।

राज्यपाल ने लिया स्थिति का जायजाः इस बीच, रविवार सुबह पुलिस आयुक्त अजय नंद और राज्य के राज्यपाल आर.एन. रवि ने स्थिति का जायजा लेने के लिए कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने वहां भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।

इससे पहले शनिवार रात मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटना की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए कहा था कि एसटीएफ, सीआईडी और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल से आवश्यक नमूने और साक्ष्य एकत्र करेंगी। मुख्यमंत्री ने थीम आधारित पूजा के बढ़ते चलन पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भविष्य में थीम पूजा को लेकर प्रशासन को नई सिरे से विचार करना होगा, क्योंकि लोगों का जीवन किसी भी थीम से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है और इस दुखद घटना से मिले सबक को भविष्य की व्यवस्थाओं में लागू किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर