संचार मंत्रालय की उत्तर क्षेत्र समीक्षा बैठक में राजस्व, पेंशन और अनुपालन तंत्र पर हुआ मंथन

 


नई दिल्ली, 01 मार्च (हि.स.)। संचार लेखा महानियंत्रक वंदना गुप्ता ने उत्तर क्षेत्र समीक्षा बैठक मेंदूरसंचार राजस्व संग्रह, पेंशन वितरण प्रणाली की समीक्षा, लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क की निगरानी, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के अनुपालन तंत्र को सरल बनाने तथा आंतरिक लेखा परीक्षण को सुदृढ़ करने जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा की। बैठक में ‘जीवन की सुगमता’ और ‘कारोबार की सुगमता’ को केंद्र में रखते हुए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए गए।

केंद्रीय संचार मंत्रालय ने बताया कि 28 फरवरी से 1 मार्च तक आयोजित की गई बैठक में जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश पूर्व, उत्तर प्रदेश पश्चिम और दिल्ली के संचार लेखा नियंत्रक कार्यालयों ने भाग लिया। उत्तर क्षेत्र वर्तमान में 850 से अधिक लाइसेंसधारकों का प्रबंधन कर रहा है। चालू वित्त वर्ष में अब तक इस क्षेत्र ने 6,500 करोड़ रुपये से अधिक का लाइसेंस शुल्क तथा लगभग 750 करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क संग्रहित किया है। कुल दूरसंचार राजस्व संग्रह 7,250 करोड़ रुपये से अधिक रहा है।

बैठक में 1.10 लाख से अधिक पेंशनभोगियों के कल्याण से जुड़े विषयों की भी समीक्षा की गई। ये पेंशनभोगी दूरसंचार विभाग, भारत संचार निगम लिमिटेड और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड से संबंधित हैं। पेंशन वितरण प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया गया। शिकायत निवारण तंत्र को और प्रभावी करने के निर्देश दिए गए।

राजस्व और बजट सत्र में वित्तीय प्राप्तियों की सटीक निगरानी और राजकोषीय अनुशासन सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को मार्गदर्शन देने तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने की रणनीति पर विचार किया गया। उद्देश्य है कि लाइसेंसधारकों के लिए अनुपालन प्रक्रिया सरल हो और कारोबारी वातावरण मजबूत बने।

आंतरिक लेखा परीक्षण प्रणाली को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। संस्थागत पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए नियमित निरीक्षण और समीक्षा तंत्र को और प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया। बैठक में अनुभव साझा करने का सत्र भी आयोजित हुआ। विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुखों ने सफल कार्यप्रणालियों और नवाचारों की जानकारी दी।

इस अवसर पर संजीवन सिन्हा ने डिजिटल भारत निधि और संशोधित भारत नेट कार्यक्रम पर प्रस्तुति दी। इसमें अंतिम गांव और अंतिम नागरिक तक तेज और विश्वसनीय फाइबर संपर्क पहुंचाने की दिशा में चल रहे प्रयासों की जानकारी दी गई।

बैठक के समापन पर वंदना गुप्ता ने कहा कि प्रभावी प्रशासन ही विभागीय कार्यों की आधारशिला है। उन्होंने सभी इकाइयों को पारदर्शिता, दक्षता और समयबद्धता के साथ निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर