बिलासपुर पहुंचे संघ प्रमुख मोहन भागवत, बोले- भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रहीं कुछ ताकतें

 


बिलासपुर, 22 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत दो दिवसीय प्रवास पर गुरुवार शाम बिलासपुर पहुंच चुके हैं। कड़ी सुरक्षा के बीच वे रेलवे स्टेशन पहुंचे और सीधे कोनी स्थित सरस्वती आवासीय विद्यालय के लिए रवाना हुए। उनके इस दौरे को छत्तीसगढ़ में संघ संगठन के बड़े बदलाव और भविष्य की रणनीतियों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उन्होंने शाम 7:00 से 8:00 बजे के बीच आयोजित बौद्धिक वर्ग की बैठक में हिस्सा लिया और उसे संबोधित किया। इस वर्ग में संघ के प्रमुख पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आनुषंगिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। डॉ. मोहन भागवत ने बिलासपुर के कोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में बौद्धिक वर्ग को संबोधित करते हुए समाज की आंतरिक व वैश्विक सुरक्षा, सांस्कृतिक मूल्यों और युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने सचेत किया कि दुनिया में कुछ ऐसी ताकतें सक्रिय हैं जो भारत में अस्थिरता पैदा करना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने हाल के वैश्विक घटनाक्रमों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में भी वैसी ही परिस्थितियां उत्पन्न करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सरसंघचालक ने कहा कि इन बाहरी ताकतों का उद्देश्य केवल सत्ता बदलना नहीं, बल्कि अपने पिट्ठू बैठाना है। इस साजिश में देश के ही कुछ नकारात्मक मानसिकता वाले लोग या नेता अनजाने में या जानबूझकर देश को तोड़ने में मदद कर रहे हैं।

उन्होंने विशेष रूप से 40 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को राष्ट्र सेवा, संगठन और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की मुख्यधारा से जोड़ने की आवश्यकता बताई। संघ अब युवाओं को विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के जरिए अपने साथ लाएगा। उन्होंने स्वयंसेवकों को देश सेवा और देशभक्ति के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने और समाज में एक संगठित, पुरुषार्थी और विजयी शक्ति खड़ी करने की बात कही। उन्होंने स्वयंसेवकों से कहा कि समाज और राष्ट्र के सामने हमेशा उतार-चढ़ाव और समस्याएं बनी रहती हैं। उन्होंने इशारों में देश को आंतरिक व बाहरी रूप से कमजोर करने की कोशिश करने वाली ताकतों और हालिया वैश्विक घटनाक्रमों का संदर्भ देते हुए सांस्कृतिक ताकतों को एकजुट और सजग रहने को कहा।

संघ प्रमुख का विशेष जोर इस बात पर रहा कि नई पीढ़ी केवल निर्देशों से नहीं मानती, वे सवाल पूछते हैं। उन्होंने पदाधिकारियों को टिप्स दिए कि युवाओं की जिज्ञासाओं का सम्मान करें, उनसे संवाद स्थापित करें, उन्हें तर्क समझाएं और प्यार व समय दें। संगठन का आगामी लक्ष्य 40 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को बड़े पैमाने पर शाखाओं से जोड़ना है। उन्होंने स्वयंसेवकों से कहा कि संघ की सकारात्मक राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों को सोशल मीडिया पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाना चाहिए, ताकि भ्रामक प्रचारों का मुकाबला किया जा सके।

शुक्रवार, 23 अक्टूबर को प्रांत कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में बिलासपुर नगर के 11 उपनगरों समेत पूरे छत्तीसगढ़ से संघ के प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे।

जानकारी के अनुसार इस बैठक में सुरक्षा और आंतरिक चर्चा के चलते भाजपा या अन्य आनुषंगिक संगठनों के पदाधिकारियों का प्रवेश वर्जित रहेगा। बैठक में प्रांत, विभाग और योजना प्रमुख अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे, जिसके आधार पर आगामी भविष्य की रणनीति तय की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा