छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, छह जिलों के कलेक्टर बदले गए, 22 आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारी
रायपुर, 18 अगस्त (हि.स.)। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा फेरबदल करते हुए 22 आईएएस और एक आईएफएस अधिकारी का तबादला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आज जारी आदेश के अनुसार, इस फेरबदल में छह जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं और कई महत्वपूर्ण विभागों के सचिव और जिला प्रमुखों की जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ है।
सूची में कई जिलों के जिला पंचायतों के सीईओ के अलावा कई सचिवों के प्रभार भी बदले गए हैं। कांकेर, मुंगेली, सक्ती, कबीरधाम, गरियाबंद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के कलेक्टर बदले गए हैं। कुंदन कुमार को कांकेर, अमृत विकास तोपनो को मुंगेली, जयश्री जैन को सक्ती जिले का कलेक्टर बनाया गया है। इसके साथ ही तुलिका प्रजापति को कबीरधाम, रणबीर शर्मा गरियाबंद जिले का कलेक्टर बनाया गया है। वहीं, तनुजा सलाम को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
विभागों के प्रभारियों में फेरबदल करते हुए सोनमणि बोरा को प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास बनाया गया है। भुवनेश यादव को सचिव, आदिम जाति अनुसूचित जाति विकास का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर को संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही रिमझियस एक्का को मिशन संचालक, जल-जीवन मिशन बनाया गया है। आर. शंगीता को नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव पद से हटा सचिव, मंत्रालय ,सौमिल रंजन चौबे को प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल,भगवान सिंह उइके को संयुक्त सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग (पूर्व कलेक्टर, गरियाबंद)तथा गोपाल वर्मा को संयुक्त सचिव , वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (पूर्व कलेक्टर, कबीरधाम) नियुक्त किया गया है।
सौमिल रंजन चौबे को उप सचिव, कृषि विभाग को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त प्रबंध संचालक, पर्यटन मण्डल के पद पर पदस्थ किया गया है। बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई अपर कलेक्टर, नारायणपुर को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त अपर कलेक्टर, बिलासपुर के पद पर पदस्थ किया गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी लिस्ट में वन विभाग के एक अधिकारी का भी ट्रांसफर किया गया है। आदेश के अनुसार, भारतीय वन सेवा 2006 बैच के भारतीय वन सेवा अधिकारी विवेक आचार्य, जो पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक थे, उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से उनके पैतृक विभाग यानी वन विभाग को वापस कर दी गई हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर