छत्तीसगढ़ के बस्तर-धमतरी में विदेशी फडिंग, अमेरिका से भेजे गए 6.5 करोड़ रुपये

 

रायपुर, 24 अप्रैल (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में विदेशी फंडिंग के इस्तेमाल को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सामने आया है कि अमेरिकी एजेंसी की ओर से जारी करीब 6.5 करोड़ रुपये बस्तर और धमतरी जिले में अवैध रूप से खपाए गए।

ईडी ने नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय से शुक्रवार शाम को यह बयान जारी किया।

ईडी ने इस मामले में 18 और 19 अप्रैल को देश के विभिन्न राज्यों में 6 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसमें छत्तीसगढ़ के अलावा असम जैसे राज्य भी शामिल थे। जिसमें 25 विदेशी डेबिट कार्ड, 40 लाख रुपये नकद, और आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य व दस्तावेज़ जब्त किए गए। इस दौरान जांच एजेंसी को कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत हाथ लगे थे। जांच में यह मामला द टिमोथी इनिशिएटिव (टीटीआई) नामक संगठन और उससे जुड़े लोगों से संबंधित पाया गया। 'द टिमोथी इनिशिएटिव' नामक एक विदेशी ईसाई मिशनरी संस्था भारत में पंजीकृत नहीं है।

जांच में मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के बस्तर और धमतरी जिलों को उन क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है जहां पिछले कुछ वर्षों के दौरान संदिग्ध रूप से नकदी निकाली गई है।

यह खुलासा मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच के दौरान हुआ है। ईडी के मुताबिक विदेशी बैंक डेबिट कार्ड के जरिए भारत में बड़ी मात्रा में कैश निकाला जा रहा था और इस पैसे का इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों में किया जा रहा था। मामले में कार्रवाई करते हुए मीका मार्क नामक व्यक्ति को केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया।

ईडी फिलहाल यह पता लगाने में जुटी है कि विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल किन-किन गतिविधियों में किया गया और इसका अंतिम उद्देश्य क्या था। एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। इस मामले में आगे की जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा