छग के बालाेद में मजिस्ट्रेट और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी, तीन करोड़ की मांगी फिरौती

 

बालोद 10 अप्रैल (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के पदस्थ प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रशांत कुमार देवांगन को बीते 27 मार्च काे डाक के माध्यम से एक धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ है। पत्र में अज्ञात व्यक्ति ने 3 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग करते हुए मजिस्ट्रेट और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई है।

पुलिस के अनुसार 27 मार्च की दोपहर करीब 3 बजे दफ्तर में पोस्टमैन ने मजिस्ट्रेट प्रशांत कुमार देवांगन को बंद लिफाफा दिया। लिफाफा खोलने पर उसमें मजिस्ट्रेट और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी। साथ ही तीन करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई। पत्र में मजिस्ट्रेट पर रिश्वत लेकर गलत आदेश देने तथा आम जनता, विशेषकर गरीबों को परेशान करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। पत्र भेजने वाले ने स्वयं को नक्सली संगठन से जुड़ा बताते हुए बस्तर, कांकेर, ओडिशा और झारखंड क्षेत्रों में सक्रिय होने का दावा किया है। पत्र में यह भी लिखा है अगर पैसे नहीं दिए गए तो उन्हें और उनके परिवार को जान से मार दिया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट ने 8 अप्रैल काे शिकायत दर्ज कराई, जिस पर गुंडरदेही पुलिस ने बुधवार शाम काे अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गुंडरदेही थाना प्रभारी नवीन बोरकर ने शुक्रवार काे बताया कि मामले की शिकायत पर बीएनएस की धारा 308 और 351(3) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। उनका दावा है कि जल्द ही आरोपित को पकड़ लिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल