छत्तीसगढ़ के भिलाई में 26 म्यूल खाताधारक गिरफ्तार
रायपुर, 28 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की भिलाई नगर पुलिस ने साइबर ठगी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 26 म्यूल (लेयर-1) बैंक खाताधारकों को गिरफ्तार किया है। इन सभी आरोपितों पर साइबर अपराधियों को अवैध वित्तीय लेनदेन और ठगी की रकम खपाने के लिए अपने निजी बैंक खाते उपलब्ध कराने का गंभीर आरोप है।
भिलाई नगर पुलिस द्वारा इन सभी 26 आरोपितों की गिरफ्तारी 27 जुलाई 2026 को की गई थी और उन्हें आज यानी 28 जुलाई को दुर्ग न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता और देश भर में जुड़े साइबर ठगी के नेटवर्क को देखते हुए सभी आरोपितों की जमानत याचिका खारिज कर उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया।
भिलाई नगर के नगर पुलिस अधीक्षक सत्यप्रकाश तिवारी और वरिष्ठ जिला पुलिस अधिकारियों ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि अपराधियों ने वर्ष 2024 से 2026 के बीच इन खातों के जरिए देश भर में साइबर ठगी की रकम का लेनदेन किया था। यह कार्रवाई दुर्ग जिला पुलिस की एन्टी क्राईम एण्ड सायबर यूनिट और भिलाई नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दिशा-निर्देश पर पूरी की गई थी।
भिलाई नगर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और अवैध वित्तीय लेनदेन को बढ़ावा देने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 318(3), और 318(4) तथा धारा 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। दुर्ग-भिलाई पुलिस की समानांतर जांच और साइबर नेटवर्क के खुलासे के अनुसार, इस पूरे नेक्सस को स्थानीय स्तर पर संजय निषाद निवासी: ग्राम दानिया, बोरी और मनोज कुमार साहू निवासी: ग्राम कुर्सीडीही, नगपुरा जैसे एजेंट और हैंडलर ऑपरेट कर रहे थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपितों ने अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल सिम और इंटरनेट बैंकिंग सुविधाएं साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराईं, जिनका उपयोग ठगी की रकम प्राप्त करने, उसे अन्य खातों में ट्रांसफर करने और नकद निकासी के लिए किया गया।
जांच में पाया गया कि वर्ष 2024 से 2026 के बीच इन खातों में साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि सीधे जमा हुई, जिसके बाद उसे अन्य खातों में स्थानांतरित या निकाल लिया गया। इस आधार पर इन खातों को लेयर-1 म्यूल अकाउंट की श्रेणी में रखा गया।
भिलाई नगर पुलिस द्वारा पंजाब नेशनल बैंक के खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम खपाने के मामले में गिरफ्तार किए गए 26 म्यूल खाताधारकों आरोपितों में नारायण देवांगन (उम्र 27 वर्ष) – निवासी: मीनाक्षी नगर, दुर्ग,आशुतोष मिश्रा (उम्र 24 वर्ष) – निवासी: सर्कुलर मार्केट, कैम्प-02, छावनी,अभिषेक कुमार वर्मा (उम्र 25 वर्ष) – निवासी: शारदा पारा, छावनी,जितेन्द्र हरीश कुमार (उम्र 24 वर्ष) – निवासी: सेक्टर-11, जोन-02, खुर्सीपार, भिलाई,प्रभावती (उम्र 50 वर्ष) – निवासी: मिलन चौक, छावनी,गीता लाजेवार (उम्र 45 वर्ष) – निवासी: पंजाबी मोहल्ला, खुर्सीपार,सतविन्दर कौर (उम्र 30 वर्ष) – निवासी: ढांचा भवन, जामुल,श्रुति वर्मा (उम्र 28 वर्ष) – निवासी: ग्राम मेहकाखुर्द, पाटन,प्रेमशीला चौधरी (उम्र 27 वर्ष) – निवासी: वार्ड-46, खुर्सीपार, भिलाई तथा अंकिता बंजारे (उम्र 22 वर्ष) – निवासी: शंकर नगर, छावनी शामिल हैं ।
पुलिस ने इन आरोपितों के घरों और ठिकानों पर दबिश देकर उनके पास से वित्तीय दस्तावेज जब्त किए हैं। जिनमें संदिग्ध बैंक पासबुक और चेकबुकअवैध लेनदेन के लिए उपयोग किए गए एटीएम कार्ड,साइबर ठगों को सौंपे गए मोबाइल सिम कार्ड और आधार कार्ड शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि म्यूल अकाउंट वे बैंक खाते होते हैं जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी देश-विदेश से ठगे गए पैसों को वैध दिखाने या छुपाने के लिए करते हैं। इसके बदले असली खाताधारक को कुछ हजार रुपयों का फिक्स कमीशन दिया जाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा