ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडी गठबंधन का ‘जन महाभियोग’, खरगे ने लगाए छह आरोप; राहुल गांधी करेंगे समापन संबोधन

 










नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (हि.स.)। विपक्षी दलों के इंडी गठबंधन ने शनिवार को दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक सार्वजनिक ‘जन महाभियोग’ की कार्यवाही की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस दौरान ज्ञानेश कुमार के खिलाफ छह आरोपों वाला प्रस्ताव पेश किया। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। संसद की कार्यवाही की तर्ज पर आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 21 विपक्षी दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कार्यक्रम के अंत में अपना वक्तव्य देंगे।

खरगे ने अपने संबोधन में कहा कि विपक्ष का ज्ञानेश कुमार से कोई व्यक्तिगत बैर नहीं है, उसकी मांग है कि निर्वाचन आयोग संविधान की भावना के अनुरूप स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम करे। उन्होंने कहा कि कमजोर वर्गों, महिलाओं और युवाओं के मतदान के अधिकार को दिल्ली में बैठे किसी व्यक्ति द्वारा कंप्यूटर के जरिये चुपचाप मतदाता सूची से हटाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

खरगे ने कहा कि करीब सात महीने पहले विपक्ष के 193 सांसदों ने संसद के दोनों सदनों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने के लिए नोटिस दिया था लेकिन उन पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया और नोटिस खारिज कर दिए गए। उन्होंने कहा कि शनिवार को पेश किया गया प्रस्ताव संवैधानिक संस्था की गरिमा और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता की रक्षा के उद्देश्य से लाया गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के जरिये वोट चोरी का पहला प्रयोग किया गया और बाद में इसे देशभर में भाजपा विरोधी मतदाताओं के नाम हटाने के लिए लागू किया गया। विपक्ष मृत मतदाताओं के नाम सूची में बनाए रखने की पैरवी नहीं कर रहा है बल्कि वास्तविक और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की मांग कर रहा है। उनके मुताबिक, केंद्र सरकार घुसपैठियों का मुद्दा उठाकर अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास कर रही है।

खरगे की ओर से पेश प्रस्ताव में मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर छह आरोप लगाए गए। इनमें चुनाव में कथित हेरफेर की साजिश में शामिल होने, विशेष गहन पुनरीक्षण के जरिये 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटवाने, संसद की निगरानी के बिना मतदाता पंजीकरण के फॉर्म-6 में बदलाव करने, ईसीआईनेट के जरिये मतदाता सूचियों पर नियंत्रण केंद्रीकृत करने, अन्य दो चुनाव आयुक्तों को निर्णय प्रक्रिया से बाहर रखने और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर काम करने के आरोप शामिल हैं।

प्रस्ताव में दावा किया गया कि फॉर्म-6 में बदलाव से नए मतदाताओं के पंजीकरण पर असर पड़ा। इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि ईआरओनेट और ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर के जरिये मतदाता सूचियों पर नियंत्रण निर्वाचन आयोग के स्तर पर केंद्रीकृत किया गया, जिससे स्थानीय निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों के अधिकार प्रभावित हुए। प्रस्ताव में अन्य दोनों चुनाव आयुक्तों को निर्णय प्रक्रिया से बाहर रखने का आरोप लगाते हुए कहा गया कि उन्हें आधिकारिक रिकॉर्ड में कम से कम 14 आपत्तियां दर्ज करानी पड़ीं। ये सभी आरोप विपक्ष की ओर से पेश प्रस्ताव का हिस्सा हैं।

प्रस्ताव में दिसंबर 2023 में पारित मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और कार्यकाल से संबंधित कानून के तहत मुख्य निर्वाचन आयुक्त को मिली कानूनी सुरक्षा पर भी सवाल उठाया गया। विपक्ष ने इस सुरक्षा को समाप्त करने और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रस्ताव में उनके खिलाफ न्यायालय में मुकदमा चलाने की मांग भी रखी गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा कि देश के करोड़ों लोगों के नाम अनुचित तरीके से मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं और इस पर सवाल पूछने के बावजूद जवाबदेही तय नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से इंडी गठबंधन ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग की कार्यवाही आयोजित करने का फैसला किया। उन्होंने खरगे को प्रस्ताव सदन के सामने रखने के लिए आमंत्रित किया।

उल्लेखनीय है कि विपक्षी गठबंधन ने इस कार्यक्रम को संसद की कार्यवाही की तर्ज पर आयोजित किया लेकिन यह संवैधानिक प्रक्रिया के तहत मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने की औपचारिक कार्यवाही नहीं थी। विपक्ष ने इससे पहले भी संसद में उन्हें पद से हटाने के लिए नोटिस दिए थे।

इस कार्यक्रम के बाद इंडी गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली करेगा। कांग्रेस के अनुसार, रैली में 10 लाख लोगों के शामिल होने की तैयारी है। राहुल गांधी ने बताया है कि रैली दोपहर 12 बजे मिंटो रोड और कनॉट प्लेस के जंक्शन से शुरू होकर रामलीला मैदान पहुंचेगी। विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित गड़बड़ियों के विरोध और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर यह रैली कर रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर