बिना सहमति बिल में सर्विस चार्ज जोड़ने पर सीसीपीए की 41 रेस्तरां के खिलाफ कार्रवाई
नई दिल्ली, 19 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने उपभोक्ताओं की अनुमति के बिना रेस्तरां के बिल में डिफॉल्ट रूप से सर्विस चार्ज जोड़ने के मामले में देशभर के 41 रेस्तरां के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की है। यह कदम राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर उठाया गया है, जिनमें उपभोक्ताओं ने ऐसे बिल प्रस्तुत किए थे जिनमें उनकी सहमति के बिना सर्विस चार्ज जोड़ा गया था।
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने रविवार को बताया कि सीसीपीए की जांच में यह पाया गया कि बिना सहमति सर्विस चार्ज जोड़ना उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन है। यह होटल एवं रेस्तरां में सर्विस चार्ज वसूली से संबंधित सीसीपीए के दिशा-निर्देशों तथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(47) के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है।
प्राधिकरण ने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने 28 मार्च 2025 के अपने फैसले में सीसीपीए के दिशा-निर्देशों को वैध ठहराते हुए स्पष्ट किया था कि रेस्तरां द्वारा अनिवार्य रूप से सर्विस चार्ज वसूलना कानून के अनुरूप नहीं है। अदालत ने सभी होटल और रेस्तरां को इन दिशा-निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया था और सीसीपीए को इनके अनुपालन की निगरानी तथा आवश्यक कार्रवाई करने का अधिकार भी दिया था।
सीसीपीए ने एक मामले में चायोस (सनशाइन टीहाउस प्राइवेट लिमिटेड) पर उपभोक्ता की सहमति के बिना बिल में सर्विस चार्ज जोड़ने के लिए 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही कंपनी को संबंधित उपभोक्ता से वसूली गई राशि वापस करने और अपने सभी आउटलेट्स की बिलिंग प्रणाली में आवश्यक बदलाव करने का निर्देश दिया गया है, ताकि भविष्य में बिल में स्वतः सर्विस चार्ज या इसी प्रकार का कोई अन्य शुल्क न जोड़ा जाए।
इसके अलावा प्राधिकरण ने कैफे ब्लू बॉटल (पटना), चाइना गेट रेस्तरां प्राइवेट लिमिटेड, फिएस्टा बारबेक्यू नेशन, एफओओ अहमदाबाद, एल'ओपेरा फ्रेंच बेकरी प्राइवेट लिमिटेड और जोरो-द लक्जरी नाइट क्लब सहित कई अन्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी अंतिम आदेश जारी किए हैं। अन्य शिकायतों की जांच अभी जारी है।
सीसीपीए ने दोहराया कि उसके दिशा-निर्देशों के अनुसार कोई भी होटल या रेस्तरां उपभोक्ता के बिल में स्वतः सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकता। किसी अन्य नाम से भी इसकी वसूली नहीं की जा सकती। सर्विस चार्ज पूरी तरह स्वैच्छिक है और उपभोक्ता को इसे देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। यदि कोई उपभोक्ता सर्विस चार्ज देने से इनकार करता है तो उसे सेवा देने से मना नहीं किया जा सकता और न ही उसके प्रवेश पर कोई रोक लगाई जा सकती है।
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि सर्विस चार्ज पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि यह कोई अनिवार्य शुल्क नहीं है। सीसीपीए ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि किसी रेस्तरां में उनकी अनुमति के बिना सर्विस चार्ज वसूला जाता है तो वे राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि दोषी प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जा सके।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर