सीएपीएफ बिल के विरोध में सैन्य कर्मियों के परिजनों का राजघाट पर प्रदर्शन
नई दिल्ली, 09 अप्रैल (हि.स.)। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के मौजूदा और पूर्व कर्मियों के परिजनों ने हाल ही में पारित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, (सीएपीएफ) 2026 के खिलाफ गुरुवार को राजघाट पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इस विधेयक को ‘काला कानून’ बताते हुए सरकार से इसे वापस लेने और संगठित समूह-ए सेवा (ओजीएएस) और पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) लागू करने की मांग की।
इस विधेयक पर विरोध सीएपीएफ अधिकारियों के करियर में ठहराव आने और राज्यों के अधिकारों में कटौती होने की वजह से हो रहा है। बिल में डीजी और स्पेशल डीजी की पोस्ट पर केवल आईपीएस अधिकारियों को डेपुटेशन पर लाने का प्रावधान है, जबकि बल के कैडर अधिकारियों के लिए स्पष्ट व्यवस्था नहीं की गई है। इसी तरह एडीजी और आईजी स्तर पर भी आईपीएस अधिकारियों को प्राथमिकता दी गई है।
यह विधेयक संसद के दोनों सदनों में पारित किया गया था। इसे सबसे पहले 1 अप्रैल को राज्यसभा में ध्वनिमत से मंजूरी मिली और अगले दिन लोकसभा से भी पारित कर दिया गया। यह विधेयक सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी जैसे बलों से संबंधित है और इसके लागू होने के बाद सीएपीएफ से जुड़े सभी प्रशासनिक अधिकार केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर