केंद्र ने एकीकृत परिवहन एवं लाजिस्टिक्स प्राधिकरण के गठन को मंजूरी दी

 


नई दिल्ली, 06 अक्टूबर (हि.स.)।

केंद्र सरकार ने देश की वैश्विक लाजिस्टिक्स प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़वा देने के लिए एकीकृत परिवहन एवं लाजिस्टिक्स प्राधिकरण (आईटीएलए) की स्थापना को मंगलवार को मंजूरी प्रदान कर दी। यह प्राधिकरण भारत के परिवहन से जुड़े क्षेत्रों में समन्वय को मजबूत करने के लिए एक सर्वोच्च राष्ट्रीय संस्था होगी। आईटीएलए राष्ट्रीय रसद नीति (2022), अनुसंधान, प्रशिक्षण और कौशल विकास में सहयोग करेगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में परिवहन मंत्रालय के इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने राष्ट्रीय मीडिया केन्द्र में पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण का उद्देश्य मजबूत बहुस्तरीय कनेक्टिविटी, अधिक कुशल बुनियादी ढांचा और कम लाजिस्टिक्स लागत सुनिश्चित करना है। इससे भारत की वैश्विक लाजिस्टिक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि आईटीएलए 500 करोड़ या उससे अधिक लागत वाली परियोजनाओं के लिए तकनीकी मूल्यांकन करेगी, कार्यान्वयन निगरानी करेगी और पूर्ण होने के बाद प्रभाव का आकलन करेगी। यह फास्टैग, वाहन और जीपीएस आधारित प्रणालियों जैसे स्रोतों का उपयोग करके एक एकीकृत परिवहन डेटा भंडार भी बनाएगी।

आईटीएलए 10 वर्ष या उससे अधिक की योजना अवधि के साथ एक दीर्घकालिक राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान तैयार करेगी। योजना में सड़क, रेलवे, बंदरगाह, विमानन, जलमार्ग, शहरी गतिशीलता और लाजिस्टिक शामिल होंगे। यह परिवहन मंत्रालयों की वार्षिक और अल्पकालिक क्षेत्रीय योजनाओं को संरेखित करने में मदद करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा