आतंकियों की गोली से घायल सैनिक 'टायसन' की हालत में तेजी से सुधार
जम्मू, 24 फरवरी (हि.स.)। किश्तवाड जिले में ऑपरेशन त्राशी-I के दौरान सैनिकों का नेतृत्व करते हुए पहली गोली खाने वाला सेना का सैनिक कुत्ता 'टायसन' अब स्वस्थ हो रहा है। इस बहादुर कुत्ते की वीरता ने रविवार को चत्रू क्षेत्र के पासरकुट में एक पहाड़ी की तलहटी में स्थित एक मिट्टी के मकान (धोक) में पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) कमांडर सैफुल्लाह और उसके दो साथियों को मार गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
सेना के व्हाइट नाइट कोर ने कहा कि किश्तवाड में हाल ही में चलाए गए ऑपरेशन त्राशी-I में हमलावर कुत्ते ‘टायसन’ ने आतंकवादियों के ठिकाने में घुसते समय पहली गोली खाकर असाधारण साहस का परिचय दिया। अपनी चोटों से बेपरवाह वह आगे बढ़ा और आतंकवादियों पर जोरदार हमला किया, जिससे आतंकवादी गोलीबारी करने पर मजबूर हो गए और इस तरह उनकी मौजूदगी की पुष्टि हुई। सेना ने कहा कि टायसन की निडरता ने व्हाइट नाइट कोर, पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों को पाकिस्तान समर्थित तीन आतंकवादियों को सटीक रूप से निशाना बनाकर मार गिराने में सक्षम बनाया।
सेना ने कहा कि घायल होने के बावजूद जोश से भरपूर, सतर्क और तेजी से ठीक हो रहे टायसन कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण का उदाहरण है। अगले पैर में चोट लगने के बाद इस के-9 सिपाही को हेलीकॉप्टर से निकालकर पशु चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल पी.के. मिश्रा ने पशु चिकित्सालय में टायसन से मुलाकात की और उसकी चिकित्सा स्थिति का जायजा लिया। कोर कमांडर ने पशु चिकित्सा दल से बातचीत की और सर्वोत्तम संभव देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों में सेना के डॉग यूनिटों की भूमिका की सराहना की।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह