(अपडेट) दिल्ली के सत्य निकेतन पीजी इमारत हादसे में 3 की हालत गंभीर, मलबे में फंसे कई छात्र

 


नई दिल्ली, 06 सितंबर (हि.स.)। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में रविवार को बारिश के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में (पीजी) इमारत गिरने से घायल हुए तीन लोगों को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, तीनों की हालत गंभीर है। मलबे में कई छात्रों के फंसे होने की आशंका है। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे पर गहरी चिंता जताई है।

उपराज्यपाल ने समेत सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे पूरी तरह तालमेल बिठाकर काम करें और मौके पर तेजी से बचाव कार्य सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएम), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, एमसीडी और सिविल डिफेंस की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव कार्य कर रही हैं। एहतियात के तौर पर बगल की इमारत को खाली करा लिया गया है। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद पहुंचाने की हरसंभव कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हालात पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियां आपसी तालमेल के साथ काम कर रही हैं।

स्थानीय सांसद बांसुरी स्वराज और विधायक अनिल शर्मा मौके पर पहुंचकर बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे है। मुख्यमंत्री ने उनसे बात करके रिपोर्ट ली है। मुख्यमंत्री हादसे की निगरानी कर रही हैं।

दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सबसे पहले राहत एवं बचाव अभियान पर जोर दिया जा रहा है।

भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने हादसे को दुखद बताते हुए कहा कि यहां अलग-अलग जगहों से पढ़ने वाले बच्चे आते और रहते हैं। इमारत गिर गई है। सटीक आंकड़ा बता पाना मुश्किल है कि कितने बच्चे हैं। दो छात्रों को पहले ही बचा लिया है। कुछ छात्र अंदर से फोन भी कर रहे हैं और ऐसा लगता है कि कुछ और लोग अंदर फंसे हैं इसलिए बचाव कार्य जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव