विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लिए गति देने वाला बजट है : भूपेंद्र पटेल

 


गांधीनगर, 01 फ़रवरी (हि.स.)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि आज लोक सभा में पेश किया गया केंद्रीय बजट विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ को आगे बढ़ाने वाला बजट है।

मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का कर्तव्य भवन में तैयार किया गया यह बजट तीन प्रमुख कर्तव्यों पर आधारित है—पहला, आर्थिक विकास को गति देना और उसे टिकाऊ बनाए रखना; दूसरा, जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता निर्माण करना; और तीसरा, ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विज़न के अनुरूप कृषि, पशुपालन, मत्स्य उद्योग, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्राथमिकता देना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में ‘ज्ञान’ यानी गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति और दिव्यांगजन जैसे स्तंभों को मजबूत किया गया है तथा समाज के सभी वर्गों को विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनाने का सराहनीय प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया कि लोथल और धोलावीरा को देश के पुरातात्विक विरासत क्लस्टर पर्यटन विकास में शामिल किए जाने से गुजरात में पर्यटन के माध्यम से ‘विरासत भी, विकास भी’ का दृष्टिकोण साकार होगा। देश के 20 आइकॉनिक पर्यटन स्थलों के लिए 10 हजार टूरिस्ट गाइड तैयार करने की योजना से गुजरात के पर्यटन स्थलों पर भी स्थानीय रोजगार बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि यह बजट शहरी विकास को नई दिशा देगा। पांच लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों को सिटी इकोनॉमिक रीजन बनाने की घोषणा से छोटे शहरों का सुनियोजित विकास तेज होगा। म्युनिसिपल बॉन्ड मार्केट को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार का कदम सराहनीय है, जिसका लाभ गुजरात की नगरपालिकाओं को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह बजट एमएसएमई से लेकर बड़े उद्योगों तक सभी के लिए प्रोत्साहक है। इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर्स और आधुनिक तकनीक पर विशेष फोकस किया गया है। मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र और टेक्सटाइल सेक्टर को प्रोत्साहन देने वाली छह योजनाओं से गुजरात के उद्योगों को लाभ मिलेगा। साथ ही तीन केमिकल पार्क और बायोफार्मा उद्योग के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की घोषणा से भी राज्य को फायदा होगा।

उन्होंने बताया कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के जरिए सूरत को पूर्व भारत के दानकुनी से जोड़ने की घोषणा लॉजिस्टिक्स लागत घटाने की दिशा में मास्टरस्ट्रोक साबित होगी। इससे दक्षिण गुजरात के उद्योगों को पूर्व भारत से हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा 20 नए नेशनल वाटरवेज की घोषणा से जलमार्ग कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी, हथकरघा और हस्तकला को सशक्त बनाने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव भी सराहनीय है, जिससे स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी और ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने करदाताओं के सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि टैक्स संबंधी त्रुटियों को अपराध नहीं बल्कि भूल मानकर दंड का प्रावधान करना भी सकारात्मक कदम है।

उन्होंने समावेशी, सर्वस्पर्शी और सर्वग्राही विकास के लिए प्रेरणादायी बजट पेश करने पर प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे