ब्रिक्स शहरीकरण फोरम की बैठक 11–12 जून को नई दिल्ली में

 


नई दिल्ली, 01 जून (हि.स.)। ब्रिक्स देशों के 13वें शहरीकरण फोरम की बैठक 11-12 जून को दिल्ली में आयोजित की जाएगी। केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को इसका ऐलान किया। यह कार्यक्रम देश में होने वाली इस साल बिक्स की बैठक के तहत एक प्रमुख मंत्रिस्तरीय कार्यक्रम है, जिसे प्रधानमंत्री के 'मानवता सर्वोपरि' दृष्टिकोण के तहत आयोजित किया जाएगा। ब्रिक्स के मुख्य कार्यक्रम की थीम 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सततता के लिए निर्माण' होगी।

मनोहर लाल ने सोमवार को यहां संकल्प भवन में पत्रकार वार्ता में कहा कि इस बार मंच का विषय 'लोगों के लिए शहर : समावेशी और लचीले शहरी भविष्य के लिए ब्रिक्स सहयोग' है। यह विषय भारत की उस सोच को दर्शाता है जिसमें शहरों की योजना, शासन और विकास में नागरिकों को केंद्र में रखा जाता है। ब्रिक्स देशों में तेज शहरीकरण हो रहा है और सभी को आवास, गतिशीलता, जलवायु जोखिम, नगर निकाय क्षमता, शहरी वित्त और सेवा वितरण जैसी समान चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बार फोरम में समावेशी शहरी विकास, आपदा‑रोधी बुनियादी ढांचा, मजबूत नगर संस्थाएं और डिजिटल नवाचार जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

मंत्री ने कहा कि इस मंच से साझा नीतिगत समाधान निकलेंगे और ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग मजबूत होगा, ताकि शहर वास्तव में लोगों के लिए हों। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत इस अवसर पर ब्रिक्स परिवार के सभी सदस्य देशों का स्वागत करेगा और मिलकर ऐसे शहरों के निर्माण पर काम करेगा जो नागरिकों के लिए सुरक्षित, समावेशी और टिकाऊ हों।

दो दिवसीय कार्यक्रम में ब्रिक्स सदस्य देशों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, नीति‑निर्माता और विशेषज्ञ शामिल होंगे। पहले दिन उद्घाटन सत्र और साझा प्राथमिकताओं पर उच्चस्तरीय बैठक होगी। इसके साथ ही प्रतिनिधियों को दिल्ली में शहरी परिवर्तन के स्थलों का दौरा कराया जाएगा। दूसरे दिन विषयगत पैनल चर्चाएं और द्विपक्षीय बैठकें होंगी, जिनमें सदस्य देशों के अनुभव साझा किए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि भारत ने पहली बार 2013 में नई दिल्ली में ब्रिक्स शहरीकरण मंच की मेजबानी की थी। इसके बाद 2016 में विशाखापत्तनम और 2021 में वर्चुअल रूप से भारत ने इसकी मेजबानी की। इस बार चौथी बार भारत यह मंच आयोजित कर रहा है। मंच की शुरुआत से ही यह ब्रिक्स देशों के बीच शहरी नीतिगत अनुभव साझा करने, प्राथमिकताओं की पहचान करने और व्यापक ब्रिक्स प्रक्रिया में शहरी इनपुट देने का प्रमुख प्लेटफॉर्म रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर