नीतीश कुमार गठबंधन राजनीति के मास्टर, सरकारें आईं-गईं, गठबंधन बदले पर मुख्यमंत्री वही बने

 


- बिहार के राजनीतिक इतिहास में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री बने रहने का रिकॉर्ड- नीतीश कुमार की राजनीतिक चतुराई और रणनीतिक समझ ने हर संकट से लगाया पार

पटना, 08 मार्च (हि.स.)। बिहार की राजनीति में पिछले दो दशकों का सबसे बड़ा तथ्य यही है कि राज्य में सरकार चाहे किसी भी पार्टी की रही हो, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही बने रहे। उनका यह स्थायी नेतृत्व राज्य की राजनीति में एक अनूठा अध्याय है। इतना ही नहीं, नीतीश कुमार बिहार के इतिहास में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री बने रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं।

नीतीश कुमार ने लगभग 20 वर्षों तक लगातार और कई अलग-अलग मोर्चों पर मुख्यमंत्री पद संभाला। इस दौरान उनके नेतृत्व में कई सरकारें आईं और गईं, गठबंधन बदले, लेकिन उनका पद हमेशा सुरक्षित रहा। यह राजनीतिक चतुराई, रणनीतिक समझ और जनता के बीच उनके व्यक्तित्व की लोकप्रियता का परिणाम है। विशेष रूप से, नीतीश कुमार ने भाजपा समेत विभिन्न दलों के साथ गठबंधन करके राज्य की राजनीति में संतुलन बनाए रखा। उनका यह कौशल उन्हें राजनीतिक स्थिरता का पर्याय बनाता है। नीतीश कुमार की सत्ता बनाए रखने की क्षमता और राजनीतिक समझ ने उन्हें हर संकट से पार लगाने में मदद की।

नीतीश ने गठबंधन राजनीति में दिखाई महारत

नीतीश कुमार ने गठबंधन राजनीति में महारत दिखाई। राष्ट्रीय जनता दल (राजद), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस समेत बिहार की राजनीति में कई बड़े दलों के साथ उन्होंने रणनीतिक गठबंधन बनाए। चाहे सत्ता में कौन भी रहा हो, नीतीश कुमार हमेशा मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बने रहे। इसने उन्हें राजनीतिक स्थिरता और अनुभव का प्रतीक बना दिया।

हाल ही में नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा जाने के रास्ते पर कदम बढ़ाया है। उनका यह कदम बिहार की राजनीति में नया समीकरण तैयार कर रहा है। भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) दोनों अब नए नेतृत्व और गठबंधन रणनीति पर काम कर रहे हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ .राजेश