सीमांचल दौरे के अंतिम दिन पूर्णिया में गृह मंत्री अमित शाह ने की भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा की समीक्षा
पूर्णिया, 27 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने तीन दिवसीय सीमांचल दौरे के अंतिम दिन शुक्रवार को पूर्णिया में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सुरक्षा मुद्दों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। जीरो माइल स्थित एक होटल में आयोजित यह बैठक में लगभग 700 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी, प्रबंधन और सुरक्षा समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा व्यवस्था, अवैध घुसपैठ पर रोक तथा खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों, तस्करी और अवैध आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नई रणनीति तैयार की गई। सीमा क्षेत्रों में तकनीकी निगरानी बढ़ाने, खुफिया तंत्र को मजबूत करने तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।
सीमांचल क्षेत्र के नेपाल एवं बांग्लादेश सीमा से सटे होने के कारण इसे संवेदनशील मानते हुए सुरक्षा व्यवस्था और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। सीमावर्ती थानों की सक्रियता बढ़ाने, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर तालमेल तथा नियमित संयुक्त अभियान चलाने पर सहमति बनी।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बैठक में सीमा प्रबंधन से जुड़े कई अहम बिंदुओं की समीक्षा की गई और भविष्य की कार्ययोजना पर सहमति बनी। बैठक के बाद सीमा सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर जल्द ही प्रशासनिक एवं तकनीकी स्तर पर ठोस कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
बैठक के बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय तथा बिहार सरकार की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह भाजपा कार्यालय पहुंचीं, जहां कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। बैठक के एजेंडे से जुड़े सवालों पर नित्यानंद राय ने कहा कि विस्तृत जानकारी संबंधित अधिकारी ही साझा करेंगे।
मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि गृह मंत्री का सीमांचल दौरा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है और इससे सीमा सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीमांचल के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इससे पूर्व पूर्णिया सदर विधायक विजय खेमका ने गृह मंत्री से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा। उन्होंने सीमांचल क्षेत्र में कथित फर्जी आधार कार्ड एवं राशन कार्ड की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही पूर्णिया में मखाना बोर्ड की स्थापना, दरभंगा की तर्ज पर एम्स की स्थापना तथा पूर्णिया से विराटनगर तक ‘महाभारत सर्किट’ विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा। उनका कहना था कि पूर्णिया, किशनगंज और अररिया क्षेत्र में महाभारत काल से जुड़े ऐतिहासिक अवशेष मौजूद हैं, जिन्हें संरक्षित कर पर्यटन विकास से जोड़ा जा सकता है।
समीक्षा बैठक में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, बिहार के उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी, राज्य के पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, सीमावर्ती रेंज के अधिकारी, पूर्णिया, अररिया, कटिहार और किशनगंज सहित सीमावर्ती जिलों के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक, 12 जिलों के पुलिस उपाधीक्षक सहित कई अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। --------------
हिन्दुस्थान समाचार / नंदकिशोर सिंह