मधुबनी : जेसीबी से खोदे गए गड्ढे में डूबने से पांच बच्चों की मौत

 


मधुबनी, 03 जून (हि.स.)। बिहार के मधुबनी जिले में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में पांच बच्चों की जान चली गई। बिस्फी प्रखंड के केरवार गांव में नहाने गए बच्चों का एक समूह जेसीबी मशीन से खोदे गए पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूब गया। इस हादसे में पांच बच्चों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चों का अस्पताल में उपचार चल रहा है।

पुलिस के अनुसार, बिस्फी थाना क्षेत्र स्थित केरवार गांव के सात बच्चे गांव के निकट बने एक बड़े गड्ढे में नहाने गए थे। नहाने के दौरान वे अचानक गहरे पानी में चले गए और एक-एक कर डूबने लगे। बच्चों को संकट में देख आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया।

ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी बच्चों को पानी से बाहर निकाला। हालांकि, दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि अन्य को गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान तीन और बच्चों ने दम तोड़ दिया। इस प्रकार इस हृदयविदारक हादसे में कुल पांच बच्चों की जान चली गई।

मृतकों की पहचान दिनेश पंडित की 12 वर्षीय पुत्री रिंकू कुमारी, 10 वर्षीय पुत्र बसंत पंडित, छोटे पंडित के 14 वर्षीय पुत्र गोलू कुमार, ललित पंडित की 14 वर्षीय पुत्री शिवानी कुमारी तथा नुनु पंडित की 12 वर्षीय पुत्री नेहा कुमारी के रूप में हुई है। सभी बच्चे केरवार गांव के निवासी थे और आपस में रिश्तेदार भी बताए जा रहे हैं।

गांव के पूर्व मुखिया शिव कुमार साव ने बताया कि जेसीबी मशीन से खोदे गए गहरे गड्ढे में पानी भरा हुआ था। बच्चों को उसकी गहराई का अंदाजा नहीं था, जिसके कारण वे हादसे का शिकार हो गए। उन्होंने बताया कि मृतकों में तीन लड़कियां और दो लड़के शामिल हैं, जिनकी उम्र 10 से 14 वर्ष के बीच थी।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। बेनीपट्टी के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) शारंग पांडेय और पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायलों की स्थिति का जायजा लिया तथा मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।

एसडीएम ने बताया कि हादसे में पांच बच्चों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दो अन्य बच्चों का अनुमंडल अस्पताल जयनगर में उपचार चल रहा है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को आपदा राहत मद से चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान कर दी गई है। साथ ही पूरे मामले की जांच कराई जा रही है, ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके।

इस दुखद घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में जलभराव वाले गड्ढों, तालाबों और अन्य खतरनाक जलस्रोतों के आसपास बच्चों को जाने से रोकें। वहीं ग्रामीणों ने मांग की है कि जेसीबी से खोदे गए ऐसे गहरे गड्ढों को तत्काल भरवाया जाए या उनके चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। एक साथ पांच बच्चों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी