बिहार विधान परिषद चुनाव : भाजपा के चार उम्मीदवार घोषित, जानिए किसकी क्या है प्रोफाइल?

 


पटना, 29 सितंबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केंद्रीय चुनाव समिति ने बिहार में होने वाले विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव के लिए चार उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने पत्र जारी कर उम्मीदवारों के नामों की जानकारी दी। पार्टी ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नवल किशोर यादव, तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नरेंद्र प्रसाद सिंह, दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सर्वेश कुमार और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. एनके यादव को उम्मीदवार बनाया है।

विधान परिषद की आठ सीटों के लिए होने वाले चुनाव में भाजपा ने चार सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। घोषित उम्मीदवारों में दो वर्तमान विधान पार्षद हैं। इनमें पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नवल किशोर यादव और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. एनके यादव शामिल हैं। वहीं, दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाए गए सर्वेश कुमार वर्तमान में निर्दलीय विधान पार्षद हैं। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाए गए नरेंद्र प्रसाद सिंह भी पूर्व में विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं।

नवल किशोर यादव : पांच बार से पटना शिक्षक सीट का प्रतिनिधित्व

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाए गए नवल किशोर यादव लंबे समय से शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय हैं। वह लगातार पांच बार से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनका जन्म सारण जिले के शीतलपुर में हुआ था। उन्होंने मगध विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री हासिल की है। वर्ष 1988-89 में उन्होंने शिक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। वर्तमान में वह पटना के गुरु गोविंद सिंह महाविद्यालय में मनोविज्ञान के व्याख्याता हैं। नवल किशोर यादव ने वर्ष 1996 में पहली बार पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। इसके बाद वह लगातार इस सीट से निर्वाचित होते रहे हैं। भाजपा ने एक बार फिर उन्हें उम्मीदवार बनाकर इस निर्वाचन क्षेत्र में अपने मौजूदा प्रतिनिधित्व को बनाए रखने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

डॉ. एनके यादव : पेशे से चिकित्सक, कोसी से मौजूदा विधान पार्षद

कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा ने मौजूदा विधान पार्षद डॉ. एनके यादव को फिर से उम्मीदवार बनाया है। वह वर्तमान में इसी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और पार्टी ने इस बार भी उन पर भरोसा जताया है। डॉ. एनके यादव पेशे से चिकित्सक हैं और लंबे समय से कोसी स्नातक क्षेत्र की राजनीति से जुड़े हैं। डॉ. एनके यादव की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी है। उनकी पत्नी डॉ. वीणा यादव भी चिकित्सक हैं और भागलपुर नगर निगम की महापौर रह चुकी हैं। भाजपा ने डॉ. एनके यादव को दोबारा उम्मीदवार बनाकर कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में अपने मौजूदा चेहरे को ही आगे बढ़ाया है।

सर्वेश कुमार : निर्दलीय विधान पार्षद, अब भाजपा के उम्मीदवार

दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा ने सर्वेश कुमार को उम्मीदवार बनाया है। वह वर्तमान में निर्दलीय विधान पार्षद हैं। इस बार भाजपा ने उन्हें अपने उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतारा है। उपलब्ध चुनावी विवरण के अनुसार, पिछली चुनावी प्रक्रिया में सर्वेश कुमार ने इस सीट पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी। अब भाजपा ने उन्हें अपने साथ जोड़ते हुए दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है। सर्वेश कुमार की उम्मीदवारी के साथ इस सीट पर चुनावी समीकरण में बदलाव आया है। निर्दलीय विधान पार्षद के रूप में परिषद में मौजूद रहने के बाद अब उनका भाजपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरना इस चुनाव की प्रमुख राजनीतिक घटनाओं में शामिल है।

नरेंद्र प्रसाद सिंह : तीन बार रह चुके हैं विधान पार्षद

तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा ने नरेंद्र प्रसाद सिंह को उम्मीदवार बनाया है। वह इससे पहले तीन बार विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की राजनीति में उनका पुराना अनुभव रहा है। भाजपा ने इस बार फिर उन्हें तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है। नरेंद्र प्रसाद सिंह के सामने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की जिम्मेदारी होगी। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में उम्मीदवारों के लिए शिक्षकों के बीच संपर्क और क्षेत्रीय मुद्दे प्रमुख भूमिका में रहते हैं।

29 सितंबर से शुरू हुई चुनाव प्रक्रिया

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हो गई है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर निर्धारित है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 23 अक्टूबर को होगा और मतों की गणना 27 अक्टूबर को की जाएगी। इसके साथ ही चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त