अभाविप उत्तर बिहार प्रांत अभ्यास वर्ग का समापन, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर हुआ मंथन

 




सुपौल, 21 जून (हि.स.)। सुपौल जिला मुख्यालय स्थित राधेश्याम टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज परिसर में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) उत्तर बिहार प्रांत के चार दिवसीय प्रांत अभ्यास वर्ग का रविवार को सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ के गायन के साथ समापन हुआ। 18 से 21 जून तक चले इस प्रशिक्षण वर्ग में उत्तर बिहार के 36 संगठनात्मक जिलों से आए लगभग 300 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अभ्यास वर्ग में संगठनात्मक मजबूती, वैचारिक प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

समापन दिवस की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित सामूहिक योगाभ्यास से हुई। इस अवसर पर बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विशेष रूप से भाग लिया। इस मौके पर युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है और स्वस्थ शरीर तथा स्वस्थ मन ही सशक्त राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

इसके बाद आयोजित वैचारिक सत्र में गोविंद नायक ने “वंदे मातरम्” विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय अस्मिता और स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ सामाजिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने और अपने आचरण से राष्ट्र भक्ति का उदाहरण प्रस्तुत करने का आह्वान किया।

गोविंद नायक ने कहा कि विद्यार्थी परिषद का उद्देश्य केवल छात्र-छात्राओं की समस्याओं का समाधान करना नहीं है, बल्कि राष्ट्र के लिए चरित्रवान, सक्षम और सामाजिक रूप से उत्तरदायी नेतृत्व तैयार करना भी है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए संगठन समय-समय पर प्रशिक्षण वर्गों, कार्यशालाओं और अभ्यास वर्गों का आयोजन करता है, ताकि युवा नेतृत्व को सही दिशा और वैचारिक आधार मिल सके।

दूसरे सत्र में उत्तर बिहार प्रांत संगठन मंत्री राकेश मौर्य ने सदस्यता अभियान और कार्यकारिणी गठन के विषय पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक शक्ति उसकी सक्रिय सदस्यता और समर्पित कार्यकर्ताओं में निहित होती है। सदस्यता अभियान केवल संख्या बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पित युवाओं को संगठन से जोड़ने का सशक्त प्रयास है।

अभ्यास वर्ग के अंतिम दिन उत्तर बिहार प्रांत के विभिन्न विभागों और जिलों की नई कार्यकारिणियों की घोषणा भी की गई। नवदायित्व प्राप्त कार्यकर्ताओं का परिचय कराया गया तथा आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों और कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही संगठन को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने की रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

चार दिनों तक चले इस प्रांत अभ्यास वर्ग में अभाविप के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में डॉ. आशुतोष मांडवी, प्रदीप शेखावत, याज्ञवल्क्य शुक्ल, डॉ. ममता कुमारी, विवेकानंद तिवारी, पुरुषोत्तम कुमार तथा राकेश मौर्य सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में सुपौल जिले के वर्तमान एवं पूर्व कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समापन अवसर पर सभी प्रतिनिधियों ने संगठन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने, छात्र हितों के लिए कार्य करने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। ---------

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र