भारतीय मजदूर संघ से जुड़े एएफएचक्यू कैडर कर्मचारियों का 29 जुलाई को शांतिपूर्ण प्रदर्शन, कैडर समीक्षा में अनदेखी का आरोप

 


नई दिल्ली, 16 जुलाई (हि.स.)। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) से जुड़े आर्म्ड फोर्सेज हेडक्वार्टर (एएफएचक्यू) कैडर के ग्रुप 'बी' और 'सी' कर्मचारियों के मान्यता प्राप्त सेवा संघों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने का ऐलान किया है।

बीएमएस की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, संघों ने आगामी 29 जुलाई को दोपहर 1 बजे दिल्ली में अफ्रीका एवेन्यू स्थित डिफेंस ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर एक संयुक्त शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अग्रिम सूचना दी है। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि रक्षा मंत्रालय में चल रही व्यापक कैडर समीक्षा में निचले ग्रेड के कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं को एक बार फिर पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।

संघों के अनुसार, संयुक्त परामर्शदात्री तंत्र (जेसीएम) की बैठक में प्रशासन की ओर से पारदर्शिता बरतने और कर्मचारियों से विचार-विमर्श करने का जो आश्वासन दिया गया था, धरातल पर उस पर कोई अमल नहीं हुआ। कर्मचारियों ने अपनी मुख्य मांगे रखी हैं। इनमें सेक्शन ऑफिसर (एसओ) ग्रेड में 50 प्रतिशत डायरेक्ट रिक्रूटमेंट कोटे को घटाकर 10 प्रतिशत किया जाए।

एएसओ (डीपी) से एसओ (नियमित) बनने में लग रहे 17-18 साल के लंबे समय को कम कर पदोन्नति प्रक्रिया तेज की जाए। मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) ग्रेड की पिछले 15 वर्षों से लंबित पहली पदोन्नति को तुरंत लागू किया जाए। संघों ने डेटा साझा करते हुए बताया कि साल 2018 से अब तक सेक्शन ऑफिसर (एसओ) की 368 रिक्तियों के मुकाबले केवल 12 सीधी भर्ती ही हो सकी हैं, जो मौजूदा व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।

भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. दीपेंद्र चाहर ने इस संबंध में रुख स्पष्ट करते हुए कहा, हमने प्रशासन को अपनी मांगों को लेकर कई बार ज्ञापन सौंपे हैं लेकिन निचले ग्रेड के कर्मचारियों की समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं। यह प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अनुशासित रहेगा। हमारा एकमात्र उद्देश्य उच्च अधिकारियों का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर खींचना है ताकि एएफएचक्यू कैडर के कर्मचारियों के साथ न्याय हो सके।

कर्मचारी संघों ने प्रशासन को आश्वस्त किया है कि इस प्रदर्शन से सरकारी कामकाज में किसी भी तरह की बाधा या व्यवधान उत्पन्न नहीं होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी