उचित दाम और मुफ्त बिजली समेत कई मांगों को लेकर 30 अक्टूबर को कोलकाता में किसान महा-रैली

 


कोलकाता, 22 अक्टूबर (हि.स.)। विभिन्न मांगों को लेकर

भारतीय किसान संघ (बीकेएस) कोलकाता में विशाल रैली का आयोजन करने जा रहा है। भारती किसान संघ की पश्चिम बंगाल इकाई द्वारा गुरुवार को कोलकाता प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कल रैली के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। संगठन के राज्य महासचिव आशीष सरकार और अन्य प्रमुख प्रतिनिधियों ने आगामी 30 अक्टूबर को होने वाली किसानों की महा-रैली (कृषक समावेश) की विस्तृत रूपरेखा और प्रमुख मांगों को मीडिया के सामने रखा।

रैली के संबंध में बताया गया कि कोलकाता चलो' के नारे के साथ यह विशाल रैली धर्मतल्ला के ऐतिहासिक रानी रासमणि रोड पर शुक्रवार, 30 अक्टूबर को सुबह 11 बजे आयोजित की जाएगी, जिसमें राज्य भर से हजारों किसानों और पशुपालकों के शामिल होने की उम्मीद जताई गई है।

इस दौरान संगठन के मांग पत्र का विस्तार से जिक्र करते हुए स्पष्ट किया गया कि किसानों को केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं, बल्कि उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही, धान के लिए सरकारी समर्थन मूल्य पर विशेष बोनस सहित 3100 रुपये प्रति क्विंटल के तत्काल भुगतान की भी जोरदार मांग उठाई गई है।

कृषि क्षेत्र में ढांचागत सुधार लाने के लिए किसान संघ ने जैविक खेती को अधिक महत्व देने, एक सुदृढ़ और स्वस्थ बाजार व्यवस्था स्थापित करने तथा खाद एवं उर्वरकों की हो रही कालाबाजारी पर पूरी तरह से रोक लगाने पर विशेष जोर दिया है। किसानों को आर्थिक बोझ से राहत देने के उद्देश्य से कृषि कार्यों के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने और क्षेत्रवार सिंचाई तथा जल निकासी की मुकम्मल व्यवस्था करने की भी अपील की गई है।

इसके अतिरिक्त, पारंपरिक खेती के अलावा मछली पालन और पशुपालन से जुड़े लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए भी कई महत्वपूर्ण मांगे रखी गई हैं। संघ ने सरकार से मांग की है कि मछली पालकों को मुफ्त में चूना, नमक और पानी में ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाले आवश्यक उपकरण तुरंत मुहैया कराए जाएं, जबकि गौपालकों (पशुपालकों) को राज्य सरकार की ओर से सुनिश्चित वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाए। कृषि क्षेत्र के दूरगामी और समग्र विकास के लिए संगठन ने एक नई कृषि अनुसंधान नीति तैयार करने के साथ-साथ राज्य में स्पष्ट भूमि, बीज, उर्वरक और जल नीति को भी अविलंब लागू करने की आवश्यकता जताई है। संगठन के महासचिव आशीष सरकार ने सभी से इस रैली को सफल बनाने का आह्वान करते हुए उम्मीद जताई है कि 30 अक्टूबर के इस महा-सम्मेलन के जरिए प्रशासन और सरकार तक किसानों की बुनियादी समस्याएं मजबूती से पहुंचेंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर