ममता सरकार जंगलराज और अराजकता का प्रतीकः भाजपा

 


नई दिल्ली, 15 जनवरी (हि.स.)। आई-पीएसी छापेमारी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों के खिलाफ पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी पर उच्चतम न्यायालय के रोक लगाने के फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी ने ममता सरकार को जंगलराज और अराजकता का प्रतीक बताया। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा, आज ममता बनर्जी को उच्चतम न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। इससे यह साबित हो गया है कि जंगल राज कैसा होता है। राज्य सरकार का दायित्व होता है कि वह जांच एजेंसी की मदद करे, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फाइलें अपने पास ले लीं। यह मुख्यमंत्री बनर्जी के चेहरे पर करारा तमाचा है, जो खुद को संविधान से ऊपर समझती हैं।भाटिया ने कहा कि ईडी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर पर रोक लगाना यह साबित करता है कि जांच एजेंसियों को डराने या उनके काम में रुकावट डालने की कोशिश स्वीकार्य नहीं है। यह मुख्यमंत्री बनर्जी के लिए “संवैधानिक चेतावनी” है। लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति या सरकार कानून से ऊपर नहीं हो सकती।उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय से केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ टकराव की राजनीति की जा रही है। जब भी भ्रष्टाचार या वित्तीय अनियमितताओं की जांच आगे बढ़ती है, राज्य सरकार जांच एजेंसियों पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करती है। उच्चतम न्यायालय का फैसला ऐसे प्रयासों पर रोक लगाने वाला कदम है। यदि राज्य सरकार पारदर्शिता और ईमानदारी से काम कर रही है तो उसे जांच से डरने की कोई जरूरत नहीं होनी चाहिए।उल्लेखनीय है कि ईडी द्वारा आई-पीएसी कार्यालय पर की गई छापेमारी में बनर्जी की कथित दखलअंदाजी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने आज कलकत्ता उच्च न्यायालय में 9 जनवरी को हुई अव्यवस्था पर गहरी चिंता जताई। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की खंडपीठ के समक्ष ईडी ने बताया कि 9 जनवरी को जब उसका मामला उच्च न्यायालय में सूचीबद्ध था, उससे पहले तृणमूल कांग्रेस की लीगल सेल द्वारा व्हाट्सऐप पर संदेश भेजकर लोगों को कोर्ट में जुटने के लिए कहा गया था। इस पर जस्टिस मिश्रा ने कहा, “अगर आज एक उच्च न्यायालय में ऐसा हुआ है, तो कल किसी और में भी हो सकता है। यह स्वीकार्य नहीं है।” न्यायालय ने ईडी की याचिका पर नोटिस जारी किया और ईडी अधिकारियों के खिलाफ बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी पर रोक लगा दी।-----------

हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी