पंजाब में हार के डर से कांग्रेस और आआपा एसआईआर पर उठा रही है सवालः भाजपा

 


नई दिल्ली, 15 मई (हि.स.)। पंजाब में विशेष पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को लेकर विपक्षी दलों के विरोध पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने निशाना साधा है। भाजपा ने कहा कि पंजाब में करारी हार के डर से कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आआपा) अब विशेष पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) जैसी संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाने लगी हैं। सच्चाई यह है कि आज़ादी के बाद देश में 13 बार एसआईआर और गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया हो चुकी है, जिनमें अधिकांश समय कांग्रेस स्वयं सत्ता में थी।

शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में भाजपा महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों सहित पंजाब में शुरू की गई यह प्रक्रिया लोकतंत्र को मजबूत करने, असली मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित करने और फर्जी या डुप्लीकेट नाम हटाने के लिए है। जनता को गुमराह करने और डर फैलाने के बजाय विपक्ष को एक जिम्मेदार लोकतांत्रिक दल की तरह इस प्रक्रिया में भाग लेना चाहिए।

तरुण चुघ ने कहा कि कांग्रेस और आआपा नेता, जो आज पंजाब में धांधली का आरोप लगा रहे हैं, यह भूल जाते हैं कि स्वतंत्रता के बाद से भारत में 13 बार गहन मतदाता सूची संशोधन हो चुके हैं, जिनमें से अधिकतर कांग्रेस के शासनकाल में ही हुए हैं। जो दशकों तक कांग्रेस को स्वीकार्य था, वह अचानक खतरनाक प्रतीत होने लगा है, केवल इसलिए कि उन्हें पंजाब में हार का डर है।

उन्होंने कहा कि

चुनाव से पहले भ्रम फैलाने और अनावश्यक दहशत पैदा करने के बजाय विपक्षी दलों को जिम्मेदार लोकतांत्रिक शक्तियों की तरह मतदाता सत्यापन प्रक्रिया में रचनात्मक रूप से भाग लेना चाहिए। फर्जी, डुप्लिकेट और अयोग्य प्रविष्टियों को हटाकर और प्रत्येक वैध मतदाता की सुरक्षा सुनिश्चित करके स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव मजबूत होते हैं।

भाजपा एसआईआर प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग करेगी और सक्रिय रूप से भाग लेगी, ठीक उसी तरह जैसे चुनावी पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध प्रत्येक राष्ट्रवादी और लोकतांत्रिक दल को करना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी